बारहा बड़ा पंचायत में सरपंच रंजना दिखा रहीं जादूगरी का कमाल?
क्या अब ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के साथ-साथ भविष्यवाणी कला भी सिखाई जा रही है? बारहा बड़ा ग्राम पंचायत में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे देखकर लोग हैरान भी हैं और मुस्कुरा भी रहे हैं।
मामला क्या है?
पंचायत के रिकॉर्ड में दर्ज सीसी रोड निर्माण कार्य की लागत ₹98,000 बताई जा रही है! योजना – 5वीं राज्य वित्त आयोग, कार्य पूर्ण, माप 40 मीटर, कार्य एजेंसी – ग्राम पंचायत! कागज़ों में सब कुछ व्यवस्थित और दुरुस्त दिखाया गया है!
लेकिन असली “जादू” तारीख़ में छुपा है…
दस्तावेज़ों में ग्राम सभा / ग्राम पंचायत की स्वीकृति तिथि 26/02/2026 दर्ज है। ज़रा कैलेंडर देख लीजिए — यह तारीख़ अभी आई ही नहीं!
तो क्या भविष्य में जाकर हुई ग्राम सभा?
सवाल उठता है — क्या सरपंच रंजना जी भविष्य में जाकर ग्राम सभा कर आईं? क्या पंचायत में समय से आगे चलने वाली कोई विशेष मशीन लग गई है? या फिर यह प्रशासनिक “तारीख़ प्रबंधन” की नई तकनीक है?
जब तारीख़ ही नहीं आई, तो स्वीकृति कैसे हो गई?
ग्राम सभा की स्वीकृति किसी भी विकास कार्य की आधारशिला होती है। यदि वही भविष्य में दर्ज की जा रही है, तो पारदर्शिता पर बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा होना स्वाभाविक है।
जनता के सवाल
- क्या ग्राम सभा वास्तव में आयोजित हुई थी?
- यदि हुई, तो सही तारीख़ क्या है?
- यदि नहीं हुई, तो यह स्वीकृति किस आधार पर दर्ज की गई?
₹98,000 की लागत से 40 मीटर सीसी रोड का कार्य “Work Done without Convergence” दिखाया जा रहा है! लेकिन जब स्वीकृति की तारीख़ ही भविष्य की है, तो नियमानुसार प्रक्रिया पर सवाल उठना लाज़मी है।
विकास के नाम पर जादूगरी नहीं, पारदर्शिता चाहिए।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस “भविष्य दर्शन” पर क्या रुख अपनाता है — जांच होगी या फिर तारीख़ बदलकर मामला शांत कर दिया जाएगा? बारहा बड़ा की जनता जवाब चाहती है।
