स्टिंग ऑपरेशन — “खबर का भाव”
ग्राम पंचायत बेदू | जनपद गोटेगांव | जिला नरसिंहपुर
यह कहानी है… एक पंचायत की।
लेकिन सच मानिए — यह सिर्फ पंचायत की कहानी नहीं है।
यह कहानी है उस सोच की… जो समझती है कि सच भी बिकता है।
ग्राम पंचायत बेदू में सरपंच पति द्वारा पत्नी के पद का कथित दुरुपयोग करते हुए आर्थिक अनियमितताओं को अंजाम दिए जाने की गंभीर जानकारी सामने आई है। प्राथमिक पड़ताल में बिलों में हेरफेर, भुगतान प्रक्रिया में संदिग्ध अंतर और सरकारी राशि के संभावित दुरुपयोग के संकेत मिले हैं।
जब शिकायत प्रशासन तक पहुंची…
जब सीएम हेल्पलाइन पर दस्तक दी गई…
तभी शुरू हुआ असली खेल।
सूत्रों के अनुसार खबर को रोकने के लिए ₹2000 रुपये का प्रलोभन दिया गया और ₹1000 रुपये एडवांस की पेशकश की गई।
“देखिए… खबर मत चलाइए… 2000 दे देंगे… 1000 अभी ले लीजिए…”
भुगतान की परतें और गहराईं
दस्तावेज़ों की जांच में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है —
अभिषेक राजपूत के नाम पर ₹4900 का भुगतान दर्शाया गया।
सुदीप व्यास के नाम पर ₹2000 का भुगतान दर्ज है।
अब सवाल यह है कि —
अभिषेक राजपूत किस मद में सामग्री सप्लाई करते हैं?
क्या वे स्टेशनरी विक्रेता हैं? किराना व्यापारी? या निर्माण सामग्री आपूर्तिकर्ता?
₹4900 की राशि में आखिर कौन सी सामग्री खरीदी गई?
क्या उसका कोई भौतिक सत्यापन मौजूद है?
क्या सामग्री पंचायत परिसर में उपलब्ध है?
या सिर्फ कागज़ों में खरीद पूरी दिखाई गई?
इसी प्रकार सुदीप व्यास के नाम दर्ज ₹2000 के भुगतान का उद्देश्य क्या था?
किस कार्य के बदले यह राशि निकाली गई?
क्या संबंधित बिल और वाउचर पारदर्शी हैं?
अगर भुगतान वास्तविक है — तो सामग्री कहां है?
अगर सामग्री वास्तविक है — तो रिकॉर्ड स्पष्ट क्यों नहीं?
STRINGER24NEWS द्वारा इन तमाम बिंदुओं की विस्तृत पड़ताल की जा रही है। दस्तावेज़ों का मिलान, भुगतान की समयरेखा और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच जारी है।
क्योंकि जब “खबर का भाव” तय होने लगे —
तो समझ लीजिए… कहानी सिर्फ यहीं खत्म नहीं होती।
आने वाली कड़ियों में और भी खुलासे सामने आ सकते हैं।
सच की परतें अब धीरे-धीरे खुलेंगी।
