स्कूल की जमीन पर कब्जा… बच्चों के भविष्य पर सीधा हमला!
📍 ग्राम बेदू का मामला
ग्राम बेदू में शासकीय विद्यालय का परिसर अब अतिक्रमण की चपेट में है। जिस जमीन पर बच्चों को खेलना था, प्रार्थना करनी थी, खुली हवा में सांस लेना था—उसी जमीन के एक बड़े हिस्से पर कब्जा कर पक्का मकान खड़ा कर दिया गया। यह कोई रातोंरात खड़ी हुई झोपड़ी नहीं, बल्कि सुनियोजित निर्माण है। ईंटें आईं, दीवारें उठीं, छत डली—और जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे बैठे रहे।
यह केवल जमीन पर कब्जा नहीं… यह नौनिहालों के अधिकारों पर कब्जा है।
स्थिति और भी गंभीर तब हो जाती है जब उसी परिसर में कंडे थोपे जा रहे हैं। दुर्गंध, गंदगी और संक्रमण का खतरा बच्चों के सिर पर मंडरा रहा है। जहां स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए था, वहां अव्यवस्था और लापरवाही का साम्राज्य दिख रहा है। बच्चों के मन में क्या संदेश जा रहा है? कि नियम तोड़ो, कब्जा करो, और तंत्र चुप रहेगा?
ग्रामीणों में यह चर्चा भी है कि विरन पटेल इसी मकान से सट्टा खिलाने का काम करता है। यदि यह सत्य है तो मामला और भी गंभीर हो जाता है—विद्यालय परिसर, जो नैतिक शिक्षा का केंद्र होना चाहिए, वह अवैध गतिविधियों की आशंका से घिर रहा है। यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि सामाजिक पतन की चेतावनी है।
⚖ अब होगी पहल
Stringer24News इस अतिक्रमण को हटाने के लिए पहल करते हुए जिला कलेक्टर को सूचित कर विधिवत शिकायत दर्ज कराएगा तथा त्वरित कार्यवाही की मांग करेगा। बच्चों के भविष्य से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सवाल सीधा है — क्या प्रशासन स्कूल की जमीन बचाएगा, या कब्जे को संरक्षण देगा?
