कामरेड ज्योति पटेल की श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा जनसैलाब
गाडरवारा-सालीचौका के पचामा में दिखा जनएकता का अद्भुत दृश्य
जब एक विचारधारा से जुड़ा जीवन समाज के लिए समर्पित होता है, तो उसकी विदाई भी आंदोलन का रूप ले लेती है।
गाडरवारा-सालीचौका क्षेत्र के ग्राम पचामा में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से किसान सभा एवं अनेक सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित हुए। सभी ने कामरेड ज्योति पटेल को श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हुए उनके संघर्षपूर्ण और जनहितैषी जीवन को स्मरण किया।
विभिन्न संगठनों की रही सहभागिता
इस अवसर पर अहिरवार समाज संघ, कांग्रेस पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टी, किसान सभा, किसान संगठन, लोधी समाज महासभा, मप्र अजाक्स, कौरव महासभा, मध्यप्रदेश किसान संगठन सहित विभिन्न सामाजिक एवं महिला संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
वक्ताओं ने अपने उद्बोधन में कामरेड ज्योति पटेल के सामाजिक संघर्ष, किसानों और महिलाओं के हक की लड़ाई तथा कुरीतियों के खिलाफ उनके साहसिक रुख को विस्तार से याद किया।
“संघर्ष की मशाल बुझती नहीं… वह नई पीढ़ी के हाथों में पहुंच जाती है।”
परिवार की भावनात्मक उपस्थिति
उनकी पुत्री जागृति पटेल एवं पति कामरेड जगदीश पटेल ने इस आयोजन को सजगता और सकारात्मक सोच के साथ सम्पन्न किया। यह आयोजन केवल श्रद्धांजलि सभा नहीं, बल्कि उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प बनकर उभरा।
महिलाओं की भारी उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को और अधिक सार्थक बनाया। कुरीतियों पर प्रहार और सामाजिक जागरूकता का संदेश इस स्मरण दिवस की प्रमुख पहचान रहा।
यह दिवस केवल स्मृति नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का प्रतीक बनकर सदैव याद किया जाएगा।
