तिहाड़ से बाहर आए अरविंद केजरीवाल
समर्थकों में भारी उत्साह, दिल्ली की राजनीति में नई हलचल
नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री और 2 (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को आखिरकार जेल से रिहाई मिल गई!सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद शाम को वह तिहाड़ जेल से बाहर आए!इस दौरान हजारों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक जेल के बाहर डटे रहे!
रिहाई के बाद पहला संदेश
“सच्चाई को परेशान किया जा सकता है, लेकिन पराजित नहीं।”
जेल से बाहर आते ही केजरीवाल ने समर्थकों का अभिवादन किया और कहा कि जेल की सलाखें उनके हौसलों को कमजोर नहीं कर सकतीं। उन्होंने दावा किया कि वह अब पहले से ज्यादा ऊर्जा के साथ दिल्ली की जनता की सेवा करेंगे।
लोकतंत्र और तानाशाही पर बयान
अपने संबोधन में केजरीवाल ने बिना किसी का नाम लिए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई जारी रहेगी और आम जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
3 की अहम टिप्पणियां
सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देते समय जांच एजेंसी की गिरफ्तारी प्रक्रिया और उसके समय पर सवाल उठाए। हालांकि अदालत ने कुछ शर्तें भी लगाईं—
- मामले पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं करेंगे
- मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) नहीं जाएंगे
- जांच में पूरा सहयोग करेंगे
राजनीतिक गलियारों में हलचल
केजरीवाल की रिहाई के बाद दिल्ली की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। आम आदमी पार्टी इसे लोकतंत्र की जीत बता रही है, जबकि भाजपा का कहना है कि जमानत मिलना दोषमुक्त होना नहीं है और कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है।
विशेष : अरविंद केजरीवाल की रिहाई आने वाले चुनावों और दिल्ली के प्रशासनिक समीकरणों को नई दिशा दे सकती है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इसका असर शासन और राजनीति पर किस रूप में दिखाई देता है।
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