सिरकोना ग्राम पंचायत शोध सर्वे रिपोर्ट
निर्णय प्रक्रिया, महिला नेतृत्व और पारदर्शिता पर विस्तृत विश्लेषण
शोध अवधि: 18 फरवरी 2026 से 7 दिन | क्षेत्र: गोटेगांव जनपद, नरसिंहपुर
1. प्रस्तावना
“सरपंच पति प्रथा का ग्राम विकास पर प्रभाव” विषय पर Stringer24 News द्वारा ग्राम पंचायत सिरकोना में विस्तृत सर्वे एवं शोध अध्ययन किया गया। इस अध्ययन का उद्देश्य पंचायत शासन व्यवस्था की वास्तविक स्थिति, निर्वाचित महिला नेतृत्व की सक्रियता तथा निर्णय प्रक्रिया की पारदर्शिता का डेटा-आधारित मूल्यांकन करना था।
शोध का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि संरचनात्मक स्थिति का विश्लेषण करना है।
2. शोध पद्धति (Methodology)
- कुल सर्वे प्रतिभागी: 78 ग्रामीण नागरिक
- महिला प्रतिभागी: 31
- युवा वर्ग (18–35 वर्ष): 26
- स्थानीय कृषक/पूर्व प्रतिनिधि: 9
- पंचायत भवन निरीक्षण: 4 अलग-अलग तिथियों पर
- विकास कार्य स्थलीय निरीक्षण: 6 प्रमुख कार्य
सर्वे में संरचित प्रश्नावली, व्यक्तिगत साक्षात्कार, ग्राम सभा उपस्थिति विश्लेषण तथा स्थल अवलोकन शामिल किया गया।
3. प्रमुख डेटा आधारित निष्कर्ष
- 74% प्रतिभागियों ने कहा कि महिला सरपंच की प्रशासनिक उपस्थिति सीमित है।
- 68% उत्तरदाताओं ने निर्णय प्रक्रिया में पति की सक्रिय भूमिका की बात कही।
- 63% ग्रामीणों ने पारदर्शिता को “अपर्याप्त” बताया।
- 52% प्रतिभागियों ने ग्राम सभा को औपचारिकता बताया।
- 47% लोगों ने कहा कि विकास कार्यों की जानकारी समय पर सार्वजनिक नहीं होती।
डेटा संकेत देता है कि निर्वाचित नेतृत्व और वास्तविक प्रशासनिक नियंत्रण के बीच असंतुलन की धारणा मौजूद है।
4. स्थल निरीक्षण अवलोकन
शोध दल द्वारा पंचायत भवन का निरीक्षण किए जाने पर उपस्थिति अनियमित पाई गई। सूचना पट्टों पर कुछ विकास कार्यों का पूर्ण विवरण प्रदर्शित नहीं था। ग्रामीणों ने बताया कि कई निर्णय पूर्व चर्चा के बिना घोषित किए जाते हैं।
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि कई प्रशासनिक संवाद औपचारिक बैठक की बजाय अनौपचारिक स्तर पर संचालित होते हैं।
5. महिला नेतृत्व पर प्रभाव
पंचायत व्यवस्था में महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से आरक्षण लागू किया गया है। किंतु यदि निर्वाचित महिला प्रतिनिधि प्रत्यक्ष रूप से निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय नहीं हैं, तो यह व्यवस्था के मूल उद्देश्य को कमजोर कर सकता है।
महिला नेतृत्व की प्रतीकात्मक उपस्थिति और वास्तविक निर्णय क्षमता के बीच अंतर गंभीर चिंता का विषय है।
6. ग्राम विकास पर संभावित प्रभाव
पारदर्शिता की कमी और निर्णय प्रक्रिया में अस्पष्टता से जवाबदेही प्रभावित हो सकती है। इससे विकास कार्यों की गुणवत्ता और जनता का विश्वास दोनों प्रभावित होते हैं।
यदि ग्राम सभा प्रभावी नहीं है, तो सामूहिक निर्णय प्रक्रिया भी कमजोर पड़ सकती है।
7. प्रशासन हेतु अनुशंसाएँ
- ग्राम सभा की अनिवार्य वीडियो रिकॉर्डिंग व्यवस्था
- निर्वाचित सरपंच की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना
- विकास कार्यों की सार्वजनिक जानकारी ऑनलाइन/सूचना पट्ट पर प्रदर्शित करना
- महिला नेतृत्व क्षमता विकास प्रशिक्षण
- जनपद स्तर पर त्रैमासिक निगरानी
8. निष्कर्ष
सिरकोना ग्राम पंचायत में किए गए इस शोध सर्वे से यह स्पष्ट होता है कि पंचायत शासन व्यवस्था में पारदर्शिता और महिला नेतृत्व की सक्रियता को और मजबूत किए जाने की आवश्यकता है।
लोकतंत्र की जड़ें ग्राम स्तर पर मजबूत हों — यही इस शोध का मूल संदेश है।
यह रिपोर्ट प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और नागरिक समाज के लिए एक रचनात्मक समीक्षा का दस्तावेज है। समेकित जिला स्तरीय रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत की जाएगी।
