सचिव कमीशन के लिए कर रहा सरपंच पति की दलाली?
ग्राम पंचायत पनारी में सचिव ने सरपंच पति की मिलीभगत से सरकारी राशि का किया बंटाधार?
ग्राम पंचायत पनारी एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि पंचायत में विकास कार्यों की आड़ में आर्थिक अनियमितताओं का खेल चल रहा है। आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि पंचायत सचिव और सरपंच पति की कथित मिलीभगत से सरकारी राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है।
❗ उठते हुए बड़े सवाल
- क्या विकास कार्यों की राशि वास्तविक कार्यों पर खर्च हो रही है?
- क्या भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती गई?
- क्या सचिव की भूमिका प्रशासनिक सीमाओं से बाहर जाकर काम कर रही है?
- क्या सरपंच पति का हस्तक्षेप नियमों के विरुद्ध है?
ग्रामीणों का कहना है कि कई कार्य कागजों में पूर्ण दर्शाए गए, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और कहानी बयां कर रही है। भुगतान विवरण और वास्तविक कार्यों के बीच अंतर की चर्चा गांव में खुले तौर पर हो रही है।
⚖ प्रशासन की जिम्मेदारी
यदि आरोप निराधार हैं, तो पारदर्शी जांच कर सच्चाई सामने लाना आवश्यक है। और यदि आरोपों में सच्चाई है, तो दोषियों पर कठोर कार्रवाई होना भी उतना ही जरूरी है। पंचायत जनता की पहली सरकार होती है। यदि वहीं जवाबदेही नहीं होगी, तो ग्रामीण विकास की नींव कैसे मजबूत होगी?
📌 ग्रामीणों की मांग
- स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच
- भुगतान और कार्यों का सामाजिक अंकेक्षण
- दोषियों पर कठोर प्रशासनिक कार्रवाई
