गुड़ भट्ठियां कर रहीं नियमों का उल्लंघन — प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा भी अधर में?
नरसिंहपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में संचालित कई गुड़ भट्ठियां न सिर्फ पर्यावरणीय और अग्नि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन कर रही हैं, बल्कि यहाँ काम करने आए प्रवासी मजदूरों के लिए आवश्यक पंजीयन, सुरक्षा व स्वास्थ्य सुविधाएँ भी नदारद पाई गई हैं।
“बिना अनुमति व सुरक्षा के चल रहीं भट्ठियां प्रवासी मजदूरों को गंभीर खतरे में डाल रही हैं — न पंजीयन, न मेडिकल व्यवस्था, न बीमा?”
भट्ठियों के संचालन से जुड़े प्रमुख नियम
- प्रदूषण नियंत्रण अनुमति: धुआं नियंत्रण चिमनी, राख निस्तारण और एनवायरनमेंटल क्लियरेंस अनिवार्य।
- भूमि उपयोग एवं राजस्व अनुमति: भूमि मालिक की लिखित सहमति व राजस्व विभाग की स्वीकृति आवश्यक।
- फायर सेफ्टी मानक: अग्निशमन उपकरण, पानी/रेत, प्राथमिक अग्नि निवारण व्यवस्था अनिवार्य।
- कच्चा माल व वित्तीय रिकॉर्ड: गन्ना/रस की वैध खरीद-बिक्री व भुगतान का पुख्ता लेखा-जोखा।
प्रवासी मजदूरों के लिए लागू नियम (अनिवार्य)
- मजदूरों का पंजीयन: श्रम विभाग/स्थानीय प्राधिकरण में इंटर-स्टेट/लोकल माइग्रेंट वर्कर्स का पंजीकरण।
- मजदूरी व रिकॉर्ड: लिखित मजदूरी समझौता, तय वेतन का समय पर भुगतान और ओवरटाइम रिकॉर्ड रखना अनिवार्य।
- आवास व मूलभूत सुविधाएँ: साफ पानी, स्वच्छ शौचालय, पर्याप्त रहने की जगह और समुचित सफाई।
- सुरक्षा उपकरण: दस्ताने, मास्क, सुरक्षित जूते और आग-निवारक साधन उपलब्ध कराना मालिक की जिम्मेदारी।
- स्वास्थ्य जांच व प्राथमिक चिकित्सा: सीजन से पहले बेसिक हेल्थ स्क्रीनिंग, साइट पर प्राथमिक चिकित्सा किट और संपर्क चिकित्सकीय व्यवस्था।
- बीमा व आकस्मिक सहायता: दुर्घटना बीमा/राहत भत्ता और आपातकालीन निकासी की योजना।
- काम के घंटे व आराम: श्रम कानूनों के अनुरूप काम के घंटे, विश्राम अंतराल और बच्चे/नाबालिगों का उपयोग प्रतिबंधित।
स्थानीय ग्रामीण बताते है कि अनेक भट्ठी संचालक इन आवश्यक नियमों की अनदेखी कर रहे हैं — मजदूर बिना पंजीयन व सुरक्षा के काम पर लगाए जा रहे हैं और कई बार मजदूरों को समय पर बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिलती।
प्रशासनिक जवाबदेही — सवाल अभी बाकी
लोगों ने कई बार शिकायतें दर्ज कराईं, मगर सतत निरीक्षण व कठोर कार्रवाई का अभाव देखा गया है। क्या प्रशासन समय रहते नियम लागू कर पाएगा — यह बड़ा सवाल है।
“नियमों की शर्मनाक अनदेखी और प्रवासी मजदूरों की अनिश्चितता — जवाबदेही की माँग अब तात्कालिक है।”
रिपोर्टिंग: Stringer24 News टीम
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