https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEi_nXYDircpji_NBp4Y2oyo8rhVeU-DuXusJaP3AW8


 


 


 

सांकेतिक चित्र।

*क्या एक पिता को न्याय मिल भी पाएगा?*

*संध्या की मृत्यु सभ्य समाज के लिए गहरा सदमा है और इससे उभर पाना इतना आसान नहीं है!

कब नहीं निकली रैलियां,कब नहीं दिए ज्ञापन?जब पिछली बार लगातार बलात्कार हुए थे,तब भी तो यही सब हुआ था,सोशल मीडिया पर कैंडल मार्च की तस्वीरें और वीडियो अपलोड किए गए थे,लेकिन फिर एक बेटी जान से गई!मैं भी दो बेटियों का पिता हूं, एक पिता के दिल के दर्द को समझ सकता हूं कि उस पर क्या बीत रही होगी!

जब एक बेटी होती है तो सबसे ज्यादा खुश होने वाला इंसान पिता ही होता है! बचपन से लेकर बिटिया के जवान होने तक एक पिता अपनी बेटी को लेकर क्या क्या सपने आंखों में पालता है,यह सिर्फ एक पिता ही समझ सकता है।

और जब वह अपनी बेटी को अपनी गोद में मृत देखता है तो,उसका दिल खून के आंसू रोता है!और जब वह बार बार सोशल मीडिया पर अपनी बेटी की हत्या का वीडियो देखता है तो वह एक पल में हजारों बार मर चुका होता है!

न्याय की उम्मीद, न्याय की उम्मीद,न्याय की उम्मीद, , झूठी है यह बात भी! ये बलात्कार ,ये घातक मारपीट, ये हत्याएं तो यही बता रही हैं!

जारी : :

Previous Post Next Post

📻 पॉडकास्ट सुनने के लिए यहां क्लिक करें।

🎙️ Stringer24News Podcast

🔴 देखिए आज का ताज़ा पॉडकास्ट सीधे Stringer24News पर