सचिव राघवेंद्र की कृपा राहुल कौरव पर?
ग्राम पंचायत पनारी | जनपद चिचली | जिला नरसिंहपुर
क्या ग्राम पंचायत पनारी में सरकारी खजाने पर “मेहरबानी” की आड़ में सेंध लगाई जा रही है? क्या गरीबों के हक की रकम कागज़ों में ही साफ हो रही है?
पंचायत रिकॉर्ड में उत्सव के नाम पर 10,000 रुपये व्यय दर्शाए गए हैं। सवाल यह है — यह राशि किस कार्य में खर्च हुई? उसका जमीनी प्रमाण क्या है?
फोटोकॉपी या फर्जीवाड़ा?
400 फोटोकॉपी के लिए 2,000 रुपये भुगतान दिखाया गया है। ग्रामीण पूछ रहे हैं — क्या मशीन सोने की थी? या फिर बिलों में ही स्याही कुछ ज्यादा गाढ़ी हो गई?
साफ-सफाई के नाम पर निकासी
साफ-सफाई के नाम पर भी राशि निकासी दर्शाई गई है, लेकिन गांव की नालियां और कचरे के ढेर जमीनी सच्चाई बयां कर रहे हैं। कागज़ों में विकास और जमीन पर बदहाली — आखिर क्यों?
क्या जातिगत प्रेम हावी?
चर्चा यह भी है कि कई संदिग्ध बिल राहुल कौरव के नाम पर दिखाई दे रहे हैं। क्या यह महज संयोग है? या फिर सचिव राघवेंद्र की विशेष कृपा का परिणाम?
यदि सब कुछ नियमों के अनुसार है, तो पंचायत सार्वजनिक रूप से कार्यों का विवरण और प्रमाण क्यों नहीं जारी करती?
अब सवाल सिर्फ पंचायत तक सीमित नहीं है। यह मुद्दा जनपद और प्रशासन के दरवाजे तक पहुंच चुका है। क्या निष्पक्ष जांच होगी? या मामला फाइलों में दबा दिया जाएगा?
