*भांजी और मामी की अनोखी शादी?: ये रिश्ता क्या कहलाता है?*
मामी और भांजी ने दुर्गा मंदिर में शादी कर ली,और इस अनोखी शादी की हर तरफ़ चर्चा है।शादी से पहले दोनों लम्बे अरसे तक प्रेम संबंध रहीं। इसके बाद उन्होंने अपने रिश्ते को और मजबूत करने के लिए शादी कर पूरा जीवन साथ बिताने का फैसला लिया। हाल ही में स्थानीय दुर्गा मंदिर में दोनों ने शादी की। अब सोशल मीडिया पर शादी की तस्वीरें शेयर की ।
मामी और भांजी की इस शादी से यह तो जाहिर हो ही जाता है कि ये दोनो महिलाएं समलैंगिक है!घटना बिहार के गोपाल गंज की हैं जहां, समलैंगिक जोड़े की पूरे रीति रिवाज के साथ शादी की रस्में निभाई गईं। दोनों ने एक-दूसरे को जयमाला पहनाकर मांग में सिंदूर भरा और सात फेरे भी लिए।
अब यहां यह सवाल उठता है की,क्या समाज इस रिश्ते को स्वीकार करता है? हालिया समसामयिक घटनाओं का विश्लेषण करें तो हम पाते हैं की,अमूमन इस तरह के रिश्तों को दरकिनार कर दिया जाता है,यदि आप आर्थिक रुप से सक्षम हैं तब तो कोई बात नहीं!लेकिन यदि ऐसा नहीं है तब ऐसे रिश्तों का भविष्य लम्बा नहीं दिखाई देता है! पारिवारिक जन भी दूरी बना लेते हैं,यदि कोई परिवार का सदस्य रिश्ता रखता भी है तो चोरी छिपे!
ऐसे में समलैंगिक विवाह को मान्यता दिया जाना संभव नहीं हो सकता है। एक समय वह भी था जब समलैंगिक समाज की उपेक्षा और बहिष्कार के कारण अपनी यौनिकता छिपाते थे और परिवार जनों के कहे अनुसार ही विवाह के लिए सहमति दे देते थे।
समलैंगिक शादी पर मनोवैज्ञानिको का मत है कि, जब बच्चे अपने परिवार में हिंसा होते हुए देखते हैं तो उनके गहरे मन में अवसाद,निराशा और कुंठा जन्म लेती है,ऐसे में जब ये बच्चे जब वयस्क होते हैं तब समलैंगिक संबंधों की ओर अग्रसर होते हैं क्यों की माता पिता के बीच होने वाली मारपीट और हिंसा रिश्तों के प्रति उदासीनता पैदा कर देती है!उन्हे अपोजिट जेंडर से डर लगने लगता है, सेम जेंडर के साथ खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं!