कंदेली के 'कठल पेट्रोल पंप' का नया अजूबा: पेट्रोल पंप कर्मचारी झूठ क्यों बोल रहे????? (कोई तगड़ा गेम प्लान है......!)
भैया, अगर आप कंदेली वाले कठल पेट्रोल पंप पर पेट्रोल-डीजल डलाने जा रहे हैं, तो जेब में कड़कड़ाते नोट लेकर जाइएगा! क्योंकि यहाँ 'डिजिटल इंडिया' का जनाजा निकल चुका है।
यहाँ के कर्मचारियों के पास आजकल एक ही टेप-रिकॉर्डर बज रहा है! "सर, सर्वर डाउन है, ऑनलाइन पेमेंट नहीं होगा।"
अब जरा इसकी क्रोनोलॉजी को भी समझिए!
चलो मान लिया कि सर्वर डाउन है (जो कि आजकल इनका 24 घंटे डाउन रहता है), लेकिन भाई साहब! सर्वर डाउन होने से पेट्रोल पंप पर चिपके QR कोड के स्टीकर कैसे गायब हो गए? क्या सर्वर डाउन होते ही स्टीकर को सांप सूंघ गया या वो डर के मारे खुद ही उखड़ कर भाग गए?
ज्यादा दूर भी मत जाइए, सांकल तिराहा मार्ग वाले वेद पेट्रोल पंप पर जाइए। वहाँ का सर्वर तो रॉकेट की रफ्तार से चल रहा है, QR कोड भी छाती ताने खड़े हैं और ऑनलाइन पेमेंट भी धड़ल्ले से हो रहा है।
अब क्या वेद पेट्रोल पंप वालों ने नासा (NASA) से स्पेशल सैटेलाइट ले रखी है और कठल पेट्रोल पंप वाले कंदेली में आदिम काल का नेटवर्क चला रहे हैं?
आखिर दाल में कुछ काला है या पूरी दाल ही काली है?
पब्लिक सब समझती है मालिक! ये 'सर्वर डाउन' का बहाना नहीं, बल्कि "सिर्फ कैश लाओ" वाला कोई तगड़ा गेम प्लान है।
क्या कैश बटोर कर टैक्स की आँख में धूल झोंकने की तैयारी है? या फिर खुले पैसों (चेंज) के नाम पर ग्राहकों की जेब काटने का नया नुस्खा है? ताकि औने-पौने दाम पर भी पूरे पैसे वसूल सकें!
कठल पेट्रोल पंप के कर्ता-धर्ताओं, जनता को इतना भी कटहल मत समझो कि कोई भी आकर छील जाए! जनता अब जाग चुकी है और चिल्लर का हिसाब भी ऑनलाइन ही करेगी।
प्रशासन से सवाल
प्रशासन महोदय, थोड़ा इधर भी नजर-ए-इनायत फरमाइए! आखिर ये 'QR कोड' की चोरी का क्या राज है?
