आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, शासकीय भूमि हल्का नंबर 51 खसरा नंबर 264 और 292 कुल शासकीय भूमि बीस एकड़ से अधिक है।
जिस पर कार्यवाही करते हुए पूर्व कलेक्टर रोहित सिंह के आदेश पर गन्ना की फसल 41000 और गेहूं की फसल बीस हजार रुपए में नीलाम की थी और ग्रामिणो को आश्वासन दिया गया था कि, अगर आगे भी शासकीय भूमि पर कब्जा किया तो उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि विगत दिनांक 31/3/23 ग्राम पंचायत पलेरा (बेलखेड़ी)जनपद चिचली के ग्रामीणों द्वारा जिला कलेक्टर सुश्री रिजु बाफना को पुनः शिकायती आवेदन देकर बताया गया कि अतिक्रमणकारियों के हौसले इतने बुलंद है की उक्त शासकीय भूमि पर पुनः कब्जा करते हुए गेहूं की फसल का अवैध तरीके से लाभ लिया जा रहा है। एवम विगत दस माह से बन रहे अमृत सरोवर के समीप भी शासकीय भूमि पर कब्जा करते हुए अवैध फसल का लाभ लिया जा रहा है।
हालाकी जिला प्रशासन की लचर कार्यशैली को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि जिला प्रशासन द्वारा मामले में ढील बरती जा रही है,अब इसकी वजह कहीं अतिक्रमणकारियों को संरक्षण तो नही है? यह जांच के बाद ही सामने आ सकता है।
जारी :
जल्द हटेगा अतिक्रमणकारियों के चेहरे से नकाब।
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