चन्दन सिंह लोधी दलाल है?(ग्राम पंचायत कुण्डा और ग्राम पंचायत मुरदई को कर रहा खोखला?)
आज हम आपको मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव जनपद की सैर पर ले चलते हैं। जरा सोचिए, एक आम नागरिक जब बैंक से दो पैसे का लोन लेने जाता है, तो उससे दस्तावेज के पन्नों पर पसीना निकलवा लिया जाता है। लेकिन गोटेगांव की ग्राम पंचायत कुण्डा और मुरदई में गजब का लोकतंत्र चल रहा है! वहाँ कागजों पर एक ऐसे कलाकार प्रकट हुए हैं, जिनका नाम चन्दन सिंह लोधी है।
जरा गौर फरमाइयेगा-ग्राम पंचायत कुण्डा और ग्राम पंचायत मुरदई में सरकारी खजाने से पैसों की निकासी का एक ऐसा खेल सामने आया है, जिसके तार सीधे तौर पर चन्दन सिंह लोधी (या फिर रिकॉर्ड बदलते ही चन्दन सिंह पटेल) से जुड़ते दिख रहे हैं!
अब देश की मीडिया भले ही इन मुद्दों पर खामोश रहे, लेकिन गोटेगांव की फिजाओं में एक ही सवाल गूंज रहा है—
चन्दन सिंह लोधी आख़िरकार हैं कौन?
कभी ऑनलाइन पोर्टल (पंचायत दर्पण) पर इनकी एजेंसी का प्रकार 'लघु दुकानदार' या 'जनसामान्य' दर्ज होता है।
तो कभी कागजी वाउचर और संदाय प्रमाणकों में ये कभी ट्रैक्टर परिवहन और जेसीबी का हिसाब संभालते हैं, तो कभी पंचायत भवन या सामुदायिक भवन की पुताई और मज़दूरी के नाम पर धड़ल्ले से हजारों रुपये अपनी झोली में भर लेते हैं!
तो फिर हमारा सीधा और तीखा सवाल है—
चन्दन सिंह लोधी आख़िरकार दलाल हैं, मजदूर हैं, या कोई बड़े दुकानदार?
और सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर किसकी शह और छत्रछाया पर गोटेगांव को इस तरह खोखला किया जा रहा है?
सोचिए मत, सवाल पूछिए। क्योंकि अगर आज आप चुप रहे, तो कल आपकी गाढ़ी कमाई का टैक्स भी ऐसे ही कागजी 'चन्दन' की भेंट चढ़ जाएगा।
