अस्पताल के गेट पर सजी मौत की मंडी? (100 रुपए में 4 गोलियों...ब्लैक में बेची...चाय की इस दुकान पर...)
तस्वीर में दिख रहे व्यक्ति ने चाय की इस दुकान पर खड़े होकर दलालों से जमकर मोलभाव किया। इसके बाद, कैमरे की नजर से बेपरवाह होकर, महज 100 रुपए में 4 गोलियों का यह अवैध सौदा सरेआम अंजाम दिया गया।
सरकारी ओ.एस.टी. केंद्रों पर सवाल
सरकारी ओ.एस.टी. केंद्रों पर जो दवाएं हेरोइन और स्मैक की लत छुड़ाने के लिए मुफ्त या डॉक्टर के पर्चे पर मिलनी चाहिए थीं, वे कागजों में हेरफेर कर इन दलालों तक पहुंचाई जा रही हैं? मजबूरी और तड़प का फायदा उठाकर मरीजों को यही दवा ब्लैक में बेची जा रही है!
अस्पताल के गेट पर खुलेआम सौदा
नियम यह कहते हैं कि अस्पताल के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू और नशीले पदार्थों की बिक्री पर सख्त पाबंदी होनी चाहिए। लेकिन ज़मीनी हकीकत देखिए कि, अस्पताल के मुख्य गेट पर सजे इन अवैध टपरों पर चाय की चुस्कियों के साथ-साथ ओपिओइड निर्भरता की नियंत्रित गोलियों का खुला सौदा हो रहा है।
अस्पताल के बाहर ये चाय के टपरे अब राहत के अड्डे नहीं रहे, बल्कि उन दलालों के ठिकाने बन चुके हैं जो मजबूर मरीजों की लाचारी का सौदा करते हैं!
सरकार के दावों पर सवाल
एक तरफ सरकार नशा मुक्ति के दावे करती है, और दूसरी तरफ ठीक उसी अस्पताल की देहरी पर जिंदगी बचाने वाली दवाइयां सरेआम नीलाम हो रही हैं!
