जिले के मुस्लिम समाज द्वारा यूनिफॉर्म सिविल कोड के विरुद्ध कलेक्टर को ज्ञापन
नरसिंहपुर न्यूज | रिपोर्टर : शाह फैसल
दिनांक : 12 जून 2026, शुक्रवार
मध्यप्रदेश यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) समिति द्वारा जारी सार्वजनिक अपील के जवाब में शुक्रवार को जिले के मुस्लिम समाज के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर के माध्यम से यूसीसी समिति की अध्यक्ष माननीय न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) श्रीमती रंजना प्रकाश देसाई एवं समिति के अन्य सदस्यों के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में उठाए गए प्रमुख बिंदु
मुस्लिम समाज के प्रतिनिधिमंडल द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन 6 प्रमुख बिंदुओं एवं उनके उपबिंदुओं पर आधारित था। ज्ञापन में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू किए जाने का विरोध करते हुए कहा गया कि इसके लागू होने से धार्मिक स्वतंत्रता प्रभावित होगी।
प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता को यथावत बनाए रखा जाना चाहिए। उनके अनुसार धार्मिक मामलों में किसी प्रकार का हस्तक्षेप धार्मिक मूल्यों के हनन और संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन के समान होगा।
निष्कर्ष में क्या कहा गया?
ज्ञापन के अंतिम बिंदु में कहा गया कि माननीय ड्राफ्टिंग समिति देश के 21वें विधि आयोग के ऐतिहासिक निष्कर्षों का सम्मान करते हुए यह प्रतिपादित करे कि मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करना न तो आवश्यक है और न ही वांछनीय।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रस्तावित कानून मुस्लिम समाज के मौलिक अधिकारों का सीधा हनन करता है और राज्य की लगभग 20 प्रतिशत आदिवासी आबादी को इसके दायरे से बाहर रखने के कारण यह 'एकरूपता' के सिद्धांत पर भी खरा नहीं उतरता। इसलिए मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने के किसी भी प्रयास को तत्काल प्रभाव से निरस्त किए जाने की मांग की गई।
वक्ताओं ने रखा पक्ष
इस अवसर पर कार्यक्रम के जिला संयोजक मोहम्मद रफीक खान एवं एडवोकेट नईम खान ने अपने विचार व्यक्त करते हुए यूनिफॉर्म सिविल कोड का विरोध किया तथा मुस्लिम समाज की चिंताओं को सामने रखा।
कार्यक्रम में नरसिंहपुर, करेली, रांकई सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए मुस्लिम समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से संयुक्त रूप से ज्ञापन सौंपकर अपना पक्ष दर्ज कराया।
