https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEi_nXYDircpji_NBp4Y2oyo8rhVeU-DuXusJaP3AW8


 


 


 

STRINGER24NEWS
लोकतंत्र की सच्ची आवाज़
सरपंच, सचिव और जीआरएस जब विज्ञापन देंगे, तो आपसे उम्मीद तो करेंगे ही!

सरपंच, सचिव और जीआरएस... जब वो आपको विज्ञापन देंगे, तो आपसे यह उम्मीद तो करेंगे ही कि आप उनके सामने नतमस्तक हो जाएं। यह फैसला आसान नहीं था, बहुत कठिन था। लेकिन यह जरूरी भी था—अब पंचायत से कोई विज्ञापन नहीं लिया जाएगा।

कहते है, लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बहुत मजबूत है। लेकिन इस चौथे स्तंभ की नींव में विज्ञापनों का जो सीमेंट लगाया जाता है, वह असल में कलम की रीढ़ की हड्डी को गला देता है।

Stringer24News पिछले छह वर्षों से इस जिले में लगातार अपनी सेवाएं दे रहा है। आज़ादी के दिन और गणतंत्र दिवस के मौके पर पन्नों को भरने के लिए विज्ञापनों की जुगाड़ करना एक रवायत बन चुकी थी।

लेकिन हमने यह महसूस किया कि, साहब! ये विज्ञापन नहीं हैं, ये आपकी कलम पर लगाया जाने वाला पहरा है। यह बिल्कुल स्वाभाविक है—जब कोई सरपंच, कोई सचिव या कोई जीआरएस आपको विज्ञापन देगा, तो वह यह उम्मीद तो पालेगा ही कि आप उसकी हर कारगुजारियों पर आंखें मूंद लें।

अब वक्त आ गया है कि इस सड़ी-गली परंपरा को पूरी ताकत से तोड़ा जाए। अगर नरसिंहपुर में पत्रकारिता की सांसों को बचाए रखना है, तो कुछ सख्त फैसले लेने ही होंगे। और यह उनमें से एक ऐसा ही कदम है।

हालाकि यहां एक सवाल उठता है—एक मीडिया संस्थान चलाने में, उस टीम के बच्चों का पेट भरने में, उनकी जरूरतों को पूरा करने में जो पैसे लगते हैं, वे कहां से आएंगे?

हमारे पास ब्लॉग के कुछ विज्ञापन हैं, फेसबुक का मॉनेटाइजेशन है। इनसे हम अपनी पचास फीसदी परेशानियों को काबू में कर सकते हैं। और वैसे भी, साल के बाकी दिनों में कौन सा रोज़ पंचायत से करोड़ों के विज्ञापन चले आ रहे थे? तब भी तो यह संस्थान अपनी जिम्मेदारियों को निभा ही रहा था।

लेकिन सवाल यह है कि समझौता किस कीमत पर?

* सरपंच खुद नहीं, उसका 'पति' पर्दे के पीछे से पंचायत चला रहा है—क्या हम चुप रहें?

* सचिव महोदय ने जेसीबी से तालाब खुदवा दिया, फर्जी मस्टर रोल के सहारे गरीबों का हक डकार लिया—क्या हम तब भी चुप रहें?

* जीआरएस महोदय शासकीय पोर्टल पर फर्जी और गलत बिल अपलोड कर रहे हैं—क्या हम गूंगे बनकर बैठ जाएं?

नहीं! इतना चुप हमसे नहीं रहा जाएगा।

हम विज्ञापनों के इस मोह का त्याग करना ज्यादा बेहतर समझते हैं। इसलिए, हम अपनी ग्राम पंचायतों के नुमाइंदों को और अपने पाठकों को पूरी जिम्मेदारी के साथ यह सूचित कर रहे हैं कि Stringer24News अब किसी भी पंचायत से कोई विज्ञापन नहीं लेगा।

अगर कोई बहुरुपिया Stringer24News के नाम पर आपसे विज्ञापन के नाम पर वसूली करने की कोशिश करे, तो फौरन कंपनी के आधिकारिक ईमेल stringerjournalist@gmail.com या फोन नंबर 9343304972 पर संपर्क कीजिए।

पत्रकारिता बिकाऊ नहीं है, और अब इसे विज्ञापनों के चंगुल से आजाद कराने का वक्त आ चुका है।
© Stringer24 News | सत्य और समाज के बीच की कड़ी.
Previous Post Next Post

📻 पॉडकास्ट सुनने के लिए यहां क्लिक करें।

🎙️ Stringer24News Podcast

🔴 देखिए आज का ताज़ा पॉडकास्ट सीधे Stringer24News पर