क्या जनहित की आवाज उठाना अब जानलेवा हो गया है?
नरसिंहपुर जिले में जनहित की आवाज उठाना अब खतरे से खाली नहीं रह गया है। अवैध खनन, जुआ, सट्टा, शराब और नशे के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को अब सीधे निशाना बनाया जा रहा है।
मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी के जिला सचिव कामरेड जगदीश पटेल ने पवन पटेल पर हुए जानलेवा हमले की कड़ी निंदा करते हुए बताया कि, विगत दिनों रात्रि में ककराघाट से लौटते समय पवन पटेल पर अज्ञात हमलावरों ने लाठी‑डंडों से हमला कर दिया। हमले में पवन पटेल के दोनों पैर गंभीर रूप से फैक्चर हो गए, जिन्हें तत्काल जबलपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।
यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है। जिले में अवैध रेत खनन, जुआ, सट्टा, गांव‑गांव शराब, गांजा, चरस और नशीले पाउडर जैसे अवैध धंधे खुलेआम चल रहे हैं। इन अवैध कारोबारों के खिलाफ शिकायत करने वालों पर हमला होना साफ संकेत देता है कि कहीं न कहीं इन माफियाओं को संरक्षण प्राप्त है।
चौंकाने वाली बात यह भी है कि पीड़ित पवन पटेल स्वयं बीजेपी के सक्रिय सदस्य बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद वे पिछले कई दिनों से जनहित के मुद्दों को उठाते हुए अवैध खनन और अन्य अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए आवेदन और निवेदन करते रहे।
जगदीश पटेल ने आरोप लगाया कि, जनहित के मुद्दों को लगातार उठाने के कारण पवन पटेल कुछ लोगों की आंख की किरकिरी बन गए थे। जिस तरह से सुनियोजित हमला किया गया, उससे साफ प्रतीत होता है कि यह सामान्य घटना नहीं बल्कि आवाज दबाने का प्रयास है।
इस जघन्य हमले पर अब तक किसी भी बड़े बीजेपी नेता की प्रतिक्रिया सामने नहीं आना कई सवाल खड़े कर रहा है। क्या जनहित की आवाज उठाने वालों को इसी तरह चुप कराया जाएगा? क्या माफिया राज के सामने प्रशासन और जनप्रतिनिधि मौन रहेंगे?
यह हमला केवल पवन पटेल पर नहीं बल्कि उन सभी लोगों पर हमला है जो अन्याय और अवैध गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाने का साहस रखते हैं।
मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी ने प्रशासन से मांग की है कि पवन पटेल के बयान के आधार पर तत्काल जांच कर हमलावरों को गिरफ्तार किया जाए और जिले में चल रहे अवैध खनन व अन्य अवैध कारोबारों पर तत्काल रोक लगाई जाए।
जिला सचिव
मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी, नरसिंहपुर
मो. 9827986787

