भरत राजपूत के नाम पर लाखों का भुगतान!
ग्राम पंचायत रातिकरार कला, जनपद करेली में भूसा खरीदी पर बड़ा सवाल
ग्रामीणों का आरोप – 4 लाख 50 हजार की भूसा खरीदी कागजों में, जबकि गौशाला में उतनी गायें ही नहीं!
जनपद करेली अंतर्गत ग्राम पंचायत रातिकरार कला एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। पंचायत अभिलेखों में भरत राजपूत के नाम पर ₹4,50,000 (चार लाख पचास हजार रुपये) की भूसा खरीदी दर्शाई गई है।
लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत की गौशाला में इतनी संख्या में गायें मौजूद ही नहीं, जितनी मात्रा में भूसा खरीदी दिखाई गई है।
सीएम हेल्प लाइन पर शिकायत, फिर भी चुप्पी
ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्प लाइन पर भी दर्ज कराई, इसके बावजूद न तो किसी अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर जांच की, और न ही शिकायतकर्ता को कोई संतोषजनक जवाब दिया गया।
सीएम हेल्प लाइन जैसे सर्वोच्च मंच पर शिकायत के बाद भी प्रशासनिक चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि —
आखिर अधिकारी मौन क्यों हैं?
क्या यह सिर्फ लापरवाही है,
या फिर दोषियों को बचाने का प्रयास
जानबूझकर किया जा रहा है?
कागजों में गौशाला, ज़मीन पर सच्चाई गायब
ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला संचालन के नाम पर पहले भी खर्च दिखाए जाते रहे हैं, लेकिन वास्तविक स्थिति कभी सार्वजनिक नहीं की गई। भूसा खरीदी का यह मामला पंचायत व्यवस्था की पारदर्शिता पर सीधा सवाल है।
अगर सब कुछ सही है तो जांच से डर क्यों? और अगर गड़बड़ी है, तो कार्रवाई क्यों नहीं?
ग्रामीणों की स्पष्ट मांग
ग्रामीणों की मांग है कि भूसा खरीदी की भौतिक जांच कराई जाए, गौशाला में मौजूद पशुओं की वास्तविक गिनती की जाए, भुगतान से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं और दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन इस मामले में कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी फाइलों और चुप्पी के बीच दबा दिया जाएगा।
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