सरपंच–पति गठजोड़ ने चाट लिया 4.50 लाख का भूसा!
90 ट्राली काग़ज़ों में, ज़मीन पर गायें भूखी?
करेली जनपद | विशेष रिपोर्ट
करेली जनपद की ग्राम पंचायत रातिकरार से एक ऐसा सनसनीखेज़ गबन सामने आया है, जिसने पंचायत व्यवस्था की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
गौशाला में गायों के चारे के नाम पर ₹4,50,000 की 90 ट्राली भूसा खरीदी काग़ज़ों में दर्ज की गई, लेकिन ज़मीनी सच्चाई इससे बिल्कुल उलट बताई जा रही है।
काग़ज़ों में गौशाला गुलज़ार है, लेकिन ज़मीन पर न भूसा दिखता है, न 90 ट्राली का कोई प्रमाण!
सरपंच पति मुख्य भूमिका में?
सूत्रों के अनुसार इस पूरे गबन के खेल में सरपंच पति की भूमिका बेहद अहम बताई जा रही है। आरोप है कि पत्नी के पद का दुरुपयोग करते हुए सरपंच पति ने सचिव और जीआरएस की मदद से पंचायत के धन को निजी हितों की भेंट चढ़ा दिया।
गांव के विकास और गौवंश संरक्षण के लिए जारी की गई राशि, गायों के पेट तक पहुंचने से पहले ही रास्ते में ही गायब हो गई।
यह सिर्फ़ घोटाला नहीं, व्यवस्था पर तमाचा
यह मामला सिर्फ़ आर्थिक अनियमितता नहीं है, बल्कि यह गायों के नाम पर किया गया छल, गांव के विकास पर डाका और पंचायती राज व्यवस्था का खुला मज़ाक है।
अगर यही हालात रहे, तो पंचायतों में विकास नहीं, सिर्फ़ भ्रष्टाचार ही फलता-फूलता रहेगा।
अब सवाल प्रशासन से
क्या 90 ट्राली भूसा हवा में उड़ गया?
या फिर जिम्मेदार अधिकारियों की आंखों पर भी भूसे की मोटी पट्टी बंधी हुई है?
stringer24News यह सवाल उठाता है कि—
क्या इस गबन पर निष्पक्ष जांच और ठोस कार्रवाई होगी,
या फिर यह मामला भी फाइलों में दफन कर दिया जाएगा?
