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सत्य और समाज के बीच की कड़ी

ग्राम पंचायत रांकई में SIR फॉर्म की गुप्त “गहन लिखापढ़ी” का खुलासा: जनपद करेली में बीएलओ द्वारा बाहरी लोगों से फॉर्म भरवाना, कानून का गंभीर उल्लंघन!

नरसिंहपुर जिले के जनपद करेली अंतर्गत ग्राम पंचायत रांकई में SIR फॉर्मों की गुप्त, अनधिकृत और गहन लिखापढ़ी करवाने का बड़ा और गंभीर मामला सामने आया है। सूत्रों और स्थानीय नागरिकों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, SIR फॉर्मों को बीएलओ द्वारा नियुक्त सरकारी प्रक्रिया के स्थान पर बाहरी लोगों से भरवाया जा रहा था, जो चुनाव आयोग की प्रक्रिया, गोपनीयता कानूनों और सरकारी आचरण नियमों का सीधा उल्लंघन है।

SIR फॉर्म क्या है? और BLO की जिम्मेदारी क्या होती है?

SIR यानी Social Information Report / Social Impact Report अथवा कई स्थानों पर मतदाता सूची, सामाजिक-आर्थिक फॉर्म, या विशेष सरकारी सत्यापन रिपोर्ट के रूप में उपयोग किया जाने वाला फॉर्म। ऐसे फॉर्मों में नागरिकों की संवेदनशील जानकारी भरी जाती है, जिसे केवल BLO ही भरने और सत्यापित करने का अधिकारी होता है।

BLO को भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India - ECI) द्वारा एक सरकारी कर्मचारी के रूप में नियुक्त किया जाता है, और उसकी जिम्मेदारी घर-घर सत्यापन, दस्तावेज़ मिलान, और आधिकारिक फॉर्मों को सही-सही दर्ज करना होती है।

BLO का कार्य किसी भी हालत में किसी सामाजिक संगठन, समूह, या किराए के व्यक्ति को सौंपा नहीं जा सकता। यह मतदान प्रक्रिया की नींव को प्रभावित करता है और पूर्णतः अवैध है।

रांकई में क्या हुआ? पूरा मामला बिना किसी बदलाव के

स्थानीय नागरिकों ने बताया कि ग्राम पंचायत रांकई में SIR फॉर्मों की गोपनीय लिखापढ़ी बाहरी व्यक्तियों द्वारा कराई जा रही थी। ये वही फॉर्म हैं जिनमें नागरिकों की संवेदनशील जानकारी — नाम, पता, आयु, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, परिवार विवरण, सामाजिक स्थिति — सब दर्ज होता है।

यह पूरा कार्य गुप्त रूप से, BLO की निगरानी में लेकिन BLO के स्थान पर अनधिकृत व्यक्तियों द्वारा किया जा रहा था।

यह कृत्य कानून का गंभीर उल्लंघन क्यों है? (बिना परिवर्तन के पूरा विवरण)

1. गोपनीयता का हनन
फॉर्म में नागरिकों की संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी होती है — नाम, पता, जन्मतिथि, आधार नंबर, EPIC नंबर आदि। इन फॉर्मों को अनधिकृत व्यक्तियों को सौंपना डेटा प्राइवेसी और सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन है।

2. जिम्मेदारी का अवैध हस्तांतरण
BLO अपनी सरकारी जिम्मेदारी किसी और को “किराए पर” नहीं दे सकता। यह कार्य BLO को व्यक्तिगत रूप से निभाना अनिवार्य है।

3. धोखाधड़ी और गलत प्रविष्टियों की संभावना
बाहरी लोग फॉर्म भरेंगे तो मतदाता सूची में गलत नाम, गलत पते, या जानबूझकर गलत जानकारी भरी जाने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। यह स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की प्रक्रिया को प्रभावित करता है।

4. सरकारी कर्मचारी आचरण नियमों का स्पष्ट उल्लंघन
BLO का ऐसा कदम सरकारी सेवा नियमों, चुनाव आयोग की गाइडलाइन, और विभागीय आचरण नियमों — सभी का उल्लंघन है।

इस पर क्या कार्यवाही हो सकती है? (पूरा विस्तृत विवरण बिना संशोधन)

अनुशासनात्मक कार्रवाई (Disciplinary Action):
• BLO को निलंबित किया जा सकता है।
• विभागीय जांच चलाई जा सकती है।
• गंभीर स्थिति में सेवा समाप्ति तक की कार्रवाई संभव।

आपराधिक कार्यवाही (Criminal Prosecution):
• जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 (Representation of the People Act, 1950) की धाराओं के तहत FIR दर्ज हो सकती है।
• आचार संहिता और संबंधित कानूनों के तहत जुर्माना और कारावास दोनों संभव।

सेवा नियमों का उल्लंघन:
यह कार्य सरकारी कर्मचारी आचरण नियमों के विरुद्ध है, जिसमें दुराचरण, कर्तव्यच्युत व्यवहार, और संवैधानिक जिम्मेदारियों का त्याग शामिल है।

शिकायत कहाँ करें? (पूरा विवरण जस का तस)

यदि किसी को ऐसी गतिविधि दिखाई देती है, तो तुरंत शिकायत कर सकते हैं:

  • ज़िला निर्वाचन अधिकारी (DEO) या कलेक्टर को लिखित शिकायत
  • भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की वेबसाइट या पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत
  • cVIGIL ऐप पर घटना की फोटो/वीडियो अपलोड करके त्वरित शिकायत
यह मामला केवल रांकई या जनपद करेली तक सीमित नहीं है— यह निर्वाचन प्रणाली की विश्वसनीयता पर सीधा खतरा है। विभाग को इस पर तात्कालिक और कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।
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