सरपंच ममता और सचिव के बीच पक रही ‘गुपचुप खिचड़ी’?
ग्राम पंचायत भूमियाढाना में जो हवा समाई है, वह सिर्फ अफवाह नहीं — बल्कि नोटिस करने योग्य संकेत हैं। सूत्रों और दस्तावेज़ी प्रमाणों से पता चलता है कि सरपंच ममता यादव और सचिव के बीच गुप्त समझौते की संभावना नजर आ रही है, और वहीं जीआरएस की भूमिका भी संदिग्ध बनी हुई है।
स्थानीय सूत्र बताते हैं कि जीआरएस के हस्तक्षेप से कुछ अहम दस्तावेजों में परिवर्तन देखे गए हैं। ऐसे फेरबदल यह संकेत देते हैं कि नियम-कानून को ताक पर रखकर वित्तीय लेन-देन और निर्णय लिए गए होंगे—जिससे पंचायत कोष की पारदर्शिता धुंधली पड़ती है।
"दस्तावेजों में संदिग्धता स्पष्ट संकेत हैं कि कुछ लोग नियम-कानून को तवज्जो नहीं दे रहे।" — स्थानीय सूत्र
गाँव की सड़कों पर लोगों की चर्चा यह है कि अगर सरपंच, सचिव और जीआरएस के कामकाज में पारदर्शिता नहीं है, तो वही परिस्थितियाँ अनियमितताएँ जन्म देती हैं। आमजन अब यह पूछ रहे हैं — ग्राम पंचायत का पैसा कहाँ जा रहा है?
स्थानीय नागरिक और सामाजिक संगठन मांग कर रहे हैं कि जिला प्रशासन और लेखा निरीक्षक स्तर पर जल्द से जल्द दस्तावेजों की ऑडिट करायी जाए और दोषियों के खिलाफ आवश्यक शासकीय कार्रवाई की जाए।
