पटकुही ग्राम पंचायत में सरकारी राशि का गबन: "अन्य व्यय" व "कार्यालय व्यय" की आड़
पटकुही ग्राम पंचायत के वित्तीय रिकॉर्ड में आई असंगतियों और अस्पष्ट भुगतान ने ग्रामीणों व स्थानीय कार्यकतार्ओं में चिंता पैदा कर दी है। रिकॉर्ड के अनुसार "अन्य व्यय" और "कार्यालय व्यय" के नाम पर कई भुगतानों का स्पष्ट कार्य विवरण नहीं मिला — जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग व गबन के गंभीर संकेत मिलते हैं।
क्या मिले दस्तावेज़ में?
- कुछ भुगतान वाउचर जिनमें कार्य का विस्तृत विवरण नहीं है — केवल कोड और राशि अंकित।
- कई बिल जिनपर गठित समिति के हस्ताक्षर नदारद या धुंधले दिखाई देते हैं।
- उसी मद में बार-बार छोटे-छोटे भुगतान जो मिलकर बड़ी राशि बनाते हैं।
"हमने अपने गांव के विकास के लिए आए पैसों को देखना चाहा, पर जो ब्योरा मिला वह हमें संतुष्ट नहीं करता। जब हमने सवाल उठाए तो जवाब अस्पष्ट मिले," — एक ग्रामवासी।
स्थानीय कथन और प्राथमिक जांच
स्थानीय कुछ पदाधिकारियों और ग्रामवासियों ने बताया कि बैठक रिकॉर्ड व बिल-स्तर पर पारदर्शिता का अभाव रहा है। प्राथमिक तौर पर जिन भुगतानों पर सवाल उठे वे छोटे-छोटे अंशों में दिखते हैं — जिससे कुल मिलाकर बड़ी राशि की निकासी हुई प्रतीत होती है।
संभावित कारण
- लेखांकन में अनियमित प्रविष्टियाँ और दोषपूर्ण वाउचर प्रक्रियाएँ।
- कमज़ोर आंतरिक निगरानी व पारदर्शिता नीतियाँ।
- कुछ मामलों में मिलीभगत के कारण दस्तावेज़ों में हेरफेर।
तत्काल सुझाव
- जिला पंचायत या आईसीसी को त्वरित ऑडिट के लिए सूचित किया जाए।
- सभी संबंधित वाउचरों और बिलों की मूल प्रतियों का अवलोकन किया जाए।
- ग्रामसभा में पारदर्शिता सत्र कर साधारण लोगों को दस्तावेज़ दिखाए जाएँ।
हम इस मसले पर सरपंच व सचिव से प्रतिक्रिया के लिए संपर्क कर रहे हैं — यदि वे अपना पक्ष भेजते हैं, तो उसे जोड़कर यह रिपोर्ट अपडेट कर दी जाएगी।
यदि आपके पास इस मामले से संबंधित दस्तावेज़, बिल, या किसी प्रकार की सूचना है तो हमें Stringer24 News के माध्यम से भेजें — प्रमाणों के साथ भेजे गए पत्र/फोटो गोपनीय रखे जाएंगे।
