*कदरुद्दीन ने रांकई का ठेका ले लिया है क्या?*
करेली : नरसिंहपुर
विगत दिवस रांकई ग्राम पंचायत से समाजसेवी, पूर्व सरपंच कदरुद्दीन (कांग्रेस कार्यकर्ता) एवं stringer24news प्रतिनिधि शाह फैजल द्वारा बीएलओ द्वारा SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) फार्म प्रक्रिया में अनियमितताओं को उजागर किया गया।
समाजसेवी, पूर्व सरपंच कदरुद्दीन (कांग्रेस कार्यकर्ता) एवं stringer24news प्रतिनिधि शाह फैजल द्वारा मौके पर मौजूद लोगों से बात की गई और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर साझा भी किया गया!
खबरों के बाद से लगातार रांकई में आंतरिक हलचल बनी हुई है! कथित तौर पर यह सामने आया कि एक बीएलओ द्वारा यह तक कहा गया कि,क्या कदरुद्दीन ने रांकई का ठेका ले रखा है और जब सवाल जवाब की बारी आए तो कदरुद्दीन और आवाम मर ना जाए,सब जिंदा रहे!
जब stringer24news द्वारा समाजसेवी, पूर्व सरपंच कदरुद्दीन (कांग्रेस कार्यकर्ता) से फोन वार्ता पर साक्षात्कार के दौरान इस बारे में पूछा गया कि, "एक बीएलओ द्वारा यह तक कहा गया कि,क्या कदरुद्दीन ने रांकई का ठेका ले रखा है और जब सवाल जवाब की बारी आए तो कदरुद्दीन और आवाम मर ना जाए,सब जिंदा रहे!" इस बारे में आपका क्या कहना है तो,उनके द्वारा कहा गया कि,हमने मौके पर पहुंचकर नियमानुसार कार्य किए जाने का अनुरोध किया और ग्रामीणों को बताया कि,शासकीय प्रावधानों के अनुसार ही SIR फॉर्म प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए,जबकि रांकई में अनियमितताएं दिखाई दे रही थीं,जो वीडियो में भी दिखाई दे रही है!
बीएलओ द्वारा कही गई अभद्र बात को लेकर समाजसेवी कदरुद्दीन (कांग्रेस कार्यकर्ता) ने कहा कि,यह उनकी मानसिकता है कि वे क्या बोल रहे हैं,हमने सिर्फ जनता के हितों को प्रमुखता दी है!
खबर रोकने और दबाने के लिए लगातार अप्रत्यक्ष रूप से दबाव बनाया जा रहा है! इतना ही नहीं, stringer24news संवाददाता को एक अन्य साक्षात्कार के दौरान अप्रत्यक्ष रूप से प्रलोभन देने का प्रयास भी किया गया!
ग्रामीणों में बढ़ती चिंता और लोकतांत्रिक सवाल
stringer24news संवाददाता ने बताया कि, यह पूरा प्रकरण लोकतांत्रिक पारदर्शिता और मतदाता सूची की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है। एक ओर प्रशासन द्वारा SIR प्रक्रिया को संवेदनशील और गोपनीय बताते हुए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर इन नियमों की खुलेआम अनदेखी किए जाने के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं।
जब नागरिक जागरूक होते हैं, सवाल पूछते हैं और प्रक्रिया की निगरानी करते हैं, तभी सही और निष्पक्ष चुनावी व्यवस्था संभव होती है।
समाजसेवी कदरुद्दीन (कांग्रेस कार्यकर्ता) और stringer24news प्रतिनिधि शाह फैजल द्वारा दिखाई गई सक्रियता के बाद ग्रामीणों में भी आत्मविश्वास आया है। कई ग्रामीणों ने off-record यह स्वीकार किया कि SIR प्रक्रिया के नाम पर अनियमितताएं बरती जा रही थी, और उन्हें यह समझ ही नहीं आ रहा था कि बीएलओ क्या करवा रहा है और क्यों करवा रहा है!
इसी बीच, बीएलओ द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी को लेकर ग्रामीणों में भी नाराज़गी है। स्थानीय निवासियों ने कहा कि,
“जो व्यक्ति चुनावी कार्यवाही जैसे महत्वपूर्ण कर्तव्य पर नियुक्त हो, अगर वही लोगों के प्रति ऐसी भाषा का उपयोग करे तो भरोसा कैसे बनेगा?”
सूत्रों के अनुसार, ग्राम पंचायत के कुछ पदाधिकारियों और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों ने भी इस पूरे मुद्दे पर चिंता जताई है!
साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि रांकई पंचायत में SIR प्रक्रिया के बहाने मतदाता सूची से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों को "मनमानी तरीके" से भरवाने का प्रयास हो रहा था, जिस पर समाजसेवी कदरुद्दीन द्वारा आपत्ति दर्ज की गई थी।
अगर समाज के लोग सवाल न पूछें तो ऐसी अनियमितताएं कभी सामने न आएं।
stringer24news लगातार इस मामले पर नजर बनाए हुए है, और आने वाले दिनों में यदि इस संबंध में प्रशासनिक स्तर पर कोई कार्रवाई या प्रतिक्रिया सामने आती है, तो पब्लिक डोमेन पर उसकी जानकारी साझा की जाएगी।
