मध्य प्रदेश किसान सभा गाडरवारा के तहसील अध्यक्ष लीलाधर वर्मा एवं महासचिव देवेंद्र वर्मा ने संयुक्त विज्ञप्ति जारी कर बताया कि संयुक्त किसान मोर्चे के आव्हान पर 15 अक्टूबर को सालीचौका में पुलिस चौकी प्रभारी सालीचौका को मुख्यमंत्री के नाम 10 सूत्रीय प्रदेश स्तरीय के अलावा स्थानीय मांगों का ज्ञापन सौंपा जाएगा।
संयुक्त किसान मोर्चा के आव्हान पर चीचली थाना प्रभारी को आदिवासी एकता महासभा के पवन ठाकुर,गाडरवारा में किसान सभा के राजेंद्र राजपूत एवं सालीचौका में देवेंद्र वर्मा एवं लीलाधर वर्मा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम कल 15अक्टूबर को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
देश के साथ मध्यप्रदेश के किसानों की लगातार खराब होती स्थिति पर चर्चा करने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा मध्यप्रदेश की एक बैठक गुरूवार 9 अक्टूबर को शाकिर सदन भोपाल में हुई। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के अध्यक्ष अनिल यादव की अध्यक्षता और मध्यप्रदेश किसान सभा (शाकिर सदन) के कार्यकारी अध्यक्ष प्रह्लाद वैरागी के संयोजन में हुई बैठक ने अतिवृष्टि की तबाही के शिकार हुए किसानों के प्रति सरकार के गैरजिम्मेदार रवैये, मूंग उत्पादक किसानों का अभी तक भुगतान न किए जाने, खाद के गहराते और लगातार जारी संकट, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी करवाने में पूरी तरह असफल रहने और अब भावान्तर के नाम पर किसानों को ठगते हुए अडानी और मुट्ठीभर बड़ी खरीद कंपनियों की कमाई की व्यवस्था करने, बिजली न आने के बावजूद भारी बिल थमाए जाने और स्मार्ट मीटर थोपने, लैंड पूलिंग और मनमाने तरीके से कृषिभूमि के अधिग्रहण तथा किसानों-आदिवासियों की बेदखली जैसे हालात पर चर्चा की।
संयुक्त किसान मोर्चे ने दर्ज किया है कि इन सबके चलते मध्यप्रदेश में किसानों की आत्महत्याएं बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में कुछ सोयाबीन किसान आत्महत्या के लिए मजबूर हुए हैं। इस सबके बाद भी सरकार की ओर से कोई कदम तक नहीं उठाए जा रहे हैं। यह स्थिति तब है जबकि देश के कृषि मंत्री इसी प्रदेश के हैं। वर्तमान मुख्यमंत्री ने अपने अब तक के कार्यकाल में एक बार भी किसान प्रतिनिधियों से मुलाकात का समय नहीं निकाला है।
किसानों और ग्रामीण आबादी को इस बुरी स्थिति से बाहर लाने के लिए संयुक्त किसान मोर्चे ने निर्णय लिया है कि मोर्चे की ओर से प्रदेश भर में 15 अक्टूबर को प्रदेश के जिला, तहसील से लेकर हर स्तर पर ज्ञापन मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश को भेजा जाएगा और उनसे अविलंब किसानों से चर्चा करने तथा किसानों के मुद्दों पर समाधान निकालने का आग्रह किया जाएगा। इसमें 10 दिन के अंदर सकारात्मक कार्यवाही करने की मांग की जाएगी, कार्यवाही न होने पर 27 अक्टूबर को राजधानी में प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रदेश बैठक में अखिल भारतीय किसान सभा के संयुक्त सचिव बादल सरोज, बी के यू (टिकैत) के अनिल यादव, मप्र किसान सभा (शाकिर सदन) के प्रहलाद वैरागी, किसान जाग्रति संगठन के इरफान जाफरी, बी के यू (महाशक्ति) के प्रदेश अध्यक्ष राम जगदीश दांगी सहित अनेक किसान नेता उपस्थित थे।
कई कारणों से इस बैठक में न आ सके — आराधना भार्गव (किसान संघर्ष समिति), अखिलेश यादव (मप्र किसान सभा बी टी आर भवन), मनीष श्रीवास्तव (आल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन), बाबूसिंह राजपूत (क्रांतिकारी किसान मजदूर संगठन), विजय कुमार (आल इंडिया किसान क्रांतिकारी सभा), बुद्धसेन सिंह गोंड (मप्र आदिवासी एकता महासभा)।
संयुक्त किसान मोर्चा मध्य प्रदेश सभी जिलों के किसानों, किसान संगठनों से अपील करता है कि वे सभी प्रदर्शन में शामिल होकर सरकार पर दबाव बनाएँ।
संयुक्त किसान मोर्चा नरसिंहपुर
