नरसिंहपुर: कथित पत्रकारों की ब्लैकमेलिंग, महिला ने थाने के सामने जताई हिम्मत
नरसिंहपुर: जिले में पत्रकारिता के आड़ में हो रही अनैतिक घटनाओं ने समाज में एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, स्थानीय महिला ने आरोप लगाया कि तीन युवकों ने खुद को पत्रकार बताते हुए उसकी (AI से बनी) फोटो और निजी जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। आरोपियों ने महिला से 20,000 रुपये की मांग भी की।
जब महिला ने यह मामला थाने में उठाया, तो आरोपी ने वहां भी आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया। इस पर महिला ने अपनी हिम्मत दिखाते हुए आरोपी युवक को थाने के सामने ही चप्पलों से पीटा।
पुलिस ने कथित पत्रकारों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज किया है और जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना केवल महिला सुरक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि मीडिया की नैतिक जिम्मेदारी पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
आज कई स्थानों पर कुछ लोग पत्रकारिता के नाम पर व्यक्तिगत स्वार्थ और ब्लैकमेलिंग जैसे गैरकानूनी कार्य कर रहे हैं। ऐसी घटनाएं जनता में मीडिया के प्रति विश्वास को कमजोर करती हैं और पत्रकारिता की गरिमा को प्रभावित करती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि पत्रकारिता केवल खबर देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में नैतिक और जिम्मेदार भूमिका निभाने का साधन है। यदि कथित पत्रकार इस पद का दुरुपयोग कर निजी लाभ उठाएं और लोगों को डराएं, तो यह पूरे क्षेत्र के मीडिया प्रतिष्ठान के लिए खतरा बन जाता है।
नरसिंहपुर की यह घटना पत्रकारिता के पतन का प्रतीक बन चुकी है? जनता, प्रशासन और मीडिया संस्थाओं की जिम्मेदारी है कि वे ऐसे मामलों को गंभीरता से लें और वास्तविक पत्रकारिता की छवि बचाने के लिए ठोस कदम उठाएं।
सोशल मीडिया पर मौजूद जानकारी के अनुसार युवकों के नाम सालिकराम, धर्मेंद्र और राजकुमार हैं।मामले की गंभीरता से जांच किया जाना आवश्यक है,संभव है कि,पत्रकारों को निशाना बनाया जा रहा हो?
Stringer24 News
