प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्य के द्वारा अमृत सरोवर योजना अन्तर्गत हर जिले में विशेष संरचनाओं का निर्माण करवाए जाने की अभिनव पहल की गई,ताकि इस योजना अन्तर्गत गांवों में अमृत रूपी जल का संवर्धन किया जा सके, जिसका लाभ ग्रामीण क्षेत्र की जनता को मिले!
लेकिन ग्राम पंचायत बेलखेड़ी में अमृत सरोवर योजना के तहत बनाया गया तालाब उपेक्षा का शिकार हो गया है।
वर्तमान में तालाब की स्थिति चिंताजनक है।बारिश के कारण मिट्टी का कटाव हो चुका है। तालाब के चारों ओर लगाई गई इंटरलॉकिंग टाइल्स टूट चुकी हैं।
केंद्र व राज्य शासन के द्वारा निर्धारित लक्ष्य को पूर्ण करने की होड़ में अंधाधुंध गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों को अंजाम दिया जा रहा है। जिसमे जमकर खुला भ्रष्टाचार होता दिखाई दे रहा है और इनकी शिकायत सुनने वाला कोई नहीं और सरकार की यह पहली योजना है शायद जिसमें दोषियों पर कार्यवाही किए जाने का कोई प्रवाधन नहीं है।
जिले के मोहपानी ग्राम पंचायत (चिचली जनपद) में भी मशीनी तालाब बनाकर महज खानापूर्ति की गई और जब शिकायत कर्ता द्वारा सीएम हेल्प लाइन पर शिकायत की गई तब सचिव द्वारा फर्जी निराकरण अधिकारियों के सामने प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया।
