*मूंग खरीदी केंद्रों के रास्ते जाम हर तरफ ट्रेक्टर ट्राली क्या करे आमजन शासन प्रशासन मदमदस्त?:
सालीचौका नरसिंहपुर, मूंग की फसल आने के बाद जिस तरह से किसान ने फसल बिकने का इंतजार किया और अब वह फसल बेचने के लिए जब वेयरहाउसों की लंबी लाइनों में लगा है तो सिर्फ किसान अकेला परेशान नहीं है।
वेयरहाउसों के आसपास जिस तरह से ट्रैक्टरों ट्रालियों अन्य भारी मालवाहक वाहनों की भीड़ लगी हुई है।
उसे क्या गांव क्या शहर सब तरफ ट्रैक्टर और ट्राली ही नजर आ रहे हैं आये दिन सड़क के दोनों किनारो पर खड़े ट्रैक्टर ट्रालियों के कारण दुर्घटनाएं हो रही है लोग फिसल कर गिर रहे हैं आपस में वाहन टकरा रहे हैं और न जाने क्या-क्या हो रहा है।
अब इन सब की वजह आप किसान को दोषी नहीं मान सकते किसान ने अपनी मूंग की उपज पैदा की उसकी पूरी जानकारी सरकार के पास है।
*समितियों के तुलावटी मजदूरों साधनों की कमी*
उसके बावजूद भी एक-एक वेयरहाउस पर हजारों की तादाद में ट्रालियां बुलाकर महज प्रत्येक दिन 8 से 10 ट्रालियों की ही तुलवाई हो पा रही है इसका मतलब मूंग खरीदी के लिए जो समितियां नियुक्त की गई है उन समितियां के पास पर्याप्त तुलाई के साधन और संसाधन नहीं है।
*बेयरहाउसो के पास निजी वाहन यार्ड या जगह नही जहां वाहन खड़े हो सके*
साथ ही जिन वेयरहाउसों को मूंग खरीदी केंद्र के लिए अधिकृत किया गया है उनके पास किसानों के वाहनों को ट्रैक्टर ट्राली उनके आवागमन के वहां मोटरसाइकिल उनके लिए कोई यार्ड नहीं है ऐसे में जब वेयरहाउस मालिकों को लाखों का फायदा होना है।
*सड़को पर जमघट हो रही दुर्घटनाये*
और वह उन सड़कों का उपयोग कर रहे हैं जो सड़क आमजन के आवागमन के लिए हैं फायदा किस को होगा फायदा वेयरहाउस मालिकों को होगा फायदा खरीदी केंद्र समिति को होगा लेकिन इन सब का खामियां जा आमजन को भुगतना पड़ रहा है।
लगातार कुछ दिनों में ही नरसिंहपुर जिले में ही यातायात व्यवस्था जिस तरह से बदला है वह किसी से छुपी नहीं है प्रत्येक वेयरहाउस के आसपास हजारों की तादाद में ट्रैक्टर ट्राली उतने ही किसानों के निजी वाहन और उतना ही उनसे आवागमन करने वाले अन्य लोगों के वहां ऐसे में आए दिन कोई ना कोई व्यक्ति हॉस्पिटल पहुँच रहा है पूरे जिले में लगातार ऐसा हो रहा है,जो दुर्घटना का शिकार हुआ है उसकी क्या गलती न तो वो मूंग बेचने वाला है न खरीदने वाला न रखने वाला वह तो आमजन है।
*कृषकों की एक दम से क्यो मूंग बुलाई गई*
क्या एकदम से इतने सारे कृषकों का स्लाइड बुकिंग होनी थी चलिए स्लाइड बुकिंग हो भी गई तो क्या किसानों को एक निश्चित संख्या में नहीं बुलाया जा सकता था ऐसे कई सवाल जो मूंग खरीदी में वरिष्ठ अधिकारियों की दूरदर्शिता एवं उनके प्रबंधन पर सवाल उठता है।
साथ ही वेयरहाउस संचालकों की भी इसमें लापरवाही है कि उन्होंने ऐसी जगह पर वेयरहाउस का निर्माण करके रखा है जहां आमजन को भी काफी परेशानी होती है आखिरी इन वेयरहाउस को ऐसी जगह पर कैसे अनुमति दी गई।
गाडरवारा सालीचौका शहर में ही देखा जाये तो आधे से ज्यादा शहर में ट्रैक्टर ही ट्रैक्टर खड़े हैं,करेली शहर में भी अमूमन यही हाल है नरसिंहपुर जिले के अंदर शहर में भी यही हाल है सालीचौका का सांईखेड़ा चीचली तमाम बड़े कशबाई क्षेत्र में अमूमन सब तरफ यही हाल है आखिर ऐसे में किस तरह से लोग अपना जीवन जी पाएंगे।
एकदम से पब्लिक फिलो बढ़ जाना बहुत सारी चीजों को जिन सड़कों की क्षमता इतने लोडिंग वाहनों की नहीं है उन सड़कों पर वह वहां खड़े हैं कहीं पुलियां दशक रही हैं कहीं रोड खिसक रहे हैं।
*हफ़्तों बीत गये पर हाल बेहाल है*
क्या किसानों के लिए और कोई बेहतर व्यवस्था नहीं हो सकती कि जिससे आमजन भी परेशान ना हो कृषक भी पांच-पांच दिन तक हफ्तों तक वेयरहाउस की लाइनों में लगा है।
निश्चित ही मूंग खरीदी धान खरीदी गेहूं खरीदी और अन्य तरह की खरीदियों के लिए विधिवत एक रूट चार्ट बनाया जाना चाहिए
जिससे किसानों को सहूलियत हो।।
*आनंद वेयरहाउस में मूंग तुलाई न होने पर किसानों ने किया चक्काजाम*
सालीचौका में मूंग तुलाई न होने से किसानों ने सालीचौका आनंद वेयर हाउस के सामने रोड पर किसानों ने किया बुधवार को फिर चक्का जाम किया कई दिनों किसान परेशान हो रहे थे समिति प्रबंधक व मूंग सर्वेयर वेयरहाउस संचालक की मनमानी के चलते किसानों का आक्रोश फैला खरीदी न होने से पहले भी किसानों के द्वारा गाडरवारा एस डी एम महोदय को भी किसानों ने ज्ञापन भी सौंपा था पर समस्या का हल नहीं हुआ मूंग खरीदी न होने से किसानों का जन आक्रोश में शासन प्रशासन मौन किसानों की खबर लेने वाला कोई नहीं फिर मजबूर किसानों को रोड पर आकर चक्का जाम किया, लेकिन बाद में युवा भाजपा नेता जीतेंद्र राय ने सर्वेयर बुलाया और किसान नेता जगदीश पटेल, पुलिस प्रशासन ने हस्तक्षेप किया तब कहीं मूंग तुलाई आरंभ हो सकी लेकिन गुरुवार को फिर यही हाल रहा,
*मूंग बेचने के लिए किसान को मार खानी पड़ रही है नूर वेयर हाउस मालिक व बेटे के द्वारा*
मामला 23जुलाई का नूर वेयरहाउस गाडरवारा काःआखिरकार किसानो अपने अधिकारों को पाने के लिए कब तक जुल्म सहना पडेग
*किसान के साथ मारपीट मामला वीडियो बायरल हुआ*
*उचित न्याय की दरकार*
गाडरवारा के वेयर हाउस में पानी मांगने पर किसान को वेयर हाउस के मालिक ने बेटे के साथ मिलकर जमकर पीटा तमाशबीन बने रहे किसान भाईजान की दबंगई के वीडियो हुये वायरल.कामती के सतीश कौरव जो नूर वेयर हाउस में कई दिनों से मूंग बेचने लाईन में दिनरात से खड़ा था प्यासे किसान को पता नहीं था जिस वेयर हाउस को मूंग खरीदी के लिये अधिकृत किया हेँ उसके पास पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं हेँ। प्यासे किसान ने पानी मांग लिया फिर क्या भाईजान भड़क उठे बात बात में बात इतनी बढ़ गयी की भाईजान ने अपने बेटे औऱ गुर्गे के साथ मिलकर किसान की पिटाई कर दी पिटाई पेर के जूते लात वाह भाईजान बेचारा किसान अपने किसान साथियों की भीड़ में हिम्मत कर बेठा पर उसे क्या पता यह मजा लेने वाले हिन्दू भाई थे शेर. .रिपोर्ट होने के बाद भी उचित कार्यवाही सामने नहीं आई. वहीं पुलिस ने सिर्फ दोनों पक्षो पर मारपीट का मामला कायम कर दिया।
प्रकाशित समाचार पत्रकार अवधेश चौकसे द्वारा stringer24news के साथ साझा किया गया।
