*बड़ागांव नरेश के किले में सेंध?: ग्राम पंचायत मोहपानी:जनपद चिचली:नरसिंहपुर*
यह तो वही बात हो गई की, अपने ही हाथो भस्मासुर को जन्म दे दिया!दरअसल ग्राम पंचायत मोहपानी में सरपंच पति और जितेंद्र उर्फ जित्तू के कारनामे इन दिनों सुर्खियों बटोर रहे हैं।वहीं ग्रामीण पंचायत पर हुए इस अतिक्रमण और आर्थिक अनियमितताओं के खिलाफ कमर कस चुके हैं!
ग्रामिणों का कहना है कि, जितेंद्र तेंदूखेड़ा का रहने वाला है,और मोहपानी की पंचायत चला रहा है!गांव में निवास करने वाले भारिया आदिवासी आज भी अल्प शिक्षित हैं, ना ही उनमें अपने अधिकारों का भान है और ना ही अब तक जागरूकता आ पाई है।जिसका फायदा खुले तौर पर जितेंद्र द्वारा उठाया गया।
क्यों की जितेंद्र जानता था कि, बड़ा गांव के कुछ आदिवासियों,सरपंच झूनिया और सरपंच पति को हाथ में लेने के बाद मोहपानी में कोई उसका विरोध करने का साहस नहीं करेगा!और अरसे तक जितेंद्र का यह अनुमान सही साबित हुआ लेकिन वो कहते हैं ना कि पाप का घड़ा कभी ना कभी भर ही जाता है!और कुछ ऐसा ही हुआ जितेंद्र के साथ भी?दरअसल ग्रामीणों के बताए अनुसार सरपंच पति जेब में सरपंच की सील इत्यादि रखकर चलने लगा और जब भी जहां भी सरपंच के फर्जी हस्ताक्षर खुद ही कर देता,चाहे सामने शासकीय दस्तावेज ही क्यों ना हो!
जाहिर सी बात है की सरपंच पति यह करने का साहस खुद नही कर सकता था जबकि किसी ने उसे भरोसा ना दिलाया हो की कुछ नही होगा!और यह दावा तो जितेंद्र अब भी कर रहे हैं कि,सरपंच पति को कुछ नही होने दूंगा! ग्रामीण कहते हैं की हम इस याराने की वजह को खूब समझते हैं!ऐसे ही नही ग्राम पंचायत में लाखों रुपए की हेरा फेरी की गई है!
आपको जानकर हैरानी होगी कि, बड़ा गांव को अपनी राजधानी बनाकर पंचायत चलाने वाला जितेंद्र लम्बे अरसे से मोहपानी गांव नही पहुंचा है। मोहपानी के वाशिंदों का इस तरह खुलेआम शोषण करने वाले जितेंद्र के प्रति ग्रामीणों में आक्रोश पनपने लगा है!जिसकी कल्पना जितेंद्र ने भी नही की होगी! अब ग्रामीणों के भीतर क्रांति की ज्वाला धधक रही है, और धरना प्रदर्शन के जरिए यह आक्रोश जल्द ही सड़कों पर दिखाई देगा!
सुदामा जैसे युवा इस क्रांति की ज्वाला हाथ में थामे गांव के विकास की एक नई इबारत लिखने निकले हैं! ग्रामीण भी सुदामा को अपने नेता के तौर पर मान चुके हैं। जितेंद्र के किले में सेंध लग चुकी है,जल्द ही भ्रष्टाचार की नींव पर खड़ा यह किला ढह जाएगा? सुदामा आस पास के गांव में भी प्रेरणा स्त्रोत बन गया है, जबसे आस पास की ग्राम पंचायतों के लोगों को यह पता चला है कि, मोहपानी ग्राम के युवा सुदामा ने सरपंच पति प्रथा का विरोध करने के लिए सरपंच पति का पुतला दहन का निर्णय लिया है,तब से सभी ग्रामीण सुदामा के इस फैसले की सराहना कर रहे हैं!
जारी :
जल्द ही जितेंद्र कौरव का बयान होगा आपके सामने, , , ,
