*सरपंच को अपनी तिजोरी भरने से मतलब है?:ग्राम पंचायत गोटी टोरिया:जनपद चिचली:नरसिंहपुर*
आप यदि गोटी टोरिया को आदिवासियों का शॉपिंग हब कहें तो यह अतिश्योक्ति नहीं होगी।दरअसल रविवारीय बाजार के दिन आस पास के पहाड़ों पर गुमनामी का जीवन गुजारने वाले आदिवासी अपनी दैनिक दिनचर्या की आवश्यक वस्तुओं की खरीदी के लिए उतरते हैं।इसी वजह से आस पास के छोटे व्यापारी भी बाजार के दिन अपनी दुकान लगाने गोटी टोरिया पहुंचते हैं।जहां इन दुकानदारों से बीस रुपए प्रति दुकान के हिसाब से टैक्स लिया जाता है। गोटी टोरिया पहुंचने वाले इन दुकानदारों की तादाद तकरीबन दो सौ के आस पास रहती हैं।
गोटी टोरिया रविवारीय बाजार में दुकान लगाने वाले इन दुकानदारों का कहना है कि, पंचायत कर तो ले रही है लेकिन बाजार परिसर में साफ सफाई व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सरपंच को अपनी तिजोरी भरने से ही फुर्सत नहीं है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि,आखिर पंचायत दुकानदारों से लिए जा रहे इस टेक्स का उपयोग कहां कर रही है? पंचायत द्वारा टैक्स नियमित रूप से जमा किया भी जा रहा है या नहीं? सरपंच और सचिव मिलकर टैक्स से प्राप्त राशि का निजी स्वार्थों की पूर्ति के लिए दुरुपयोग तो नहीं कर रहे हैं?
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हमने यह जानने के लिए पंचायत कर्मियों से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन, , ,







