ग्राम बसुरिया।
अतिक्रमण के आतंक का जाल गांव में चारों और फैलता जा रहा है।इसे अराजकता की पराकाष्ठा ही कहेंगे की ग्राम पंचायत अपने दायित्व निर्वाहन में असफल नजर आ रही है।
बसुरिया में अतिक्रमण और सीमांकन के नाप को लेकर पटवारी गजेंद्र की संदिग्ध कार्यशैली पर पहले ही गांव वालों द्वारा आरोप और शिकायत की जा रही थी।वहीं दूसरी ओर घटना क्रम ने नाटकीय मोड़ ले लिया , जब लवासर ग्राम कोटवार फोन पर किसी से बात करते हुए पटवारी की जेब में 500/- रू रखने की बात करते हुए अत्यंत आक्रोशित स्वर में तहसीलदार को भी भद्दी गाली दे रहा है।
उक्त घटना क्रम यह तो स्पष्ट करता है की पैसों के खेल को लेकर कोई गहरी साजिश की गई है,जिसकी वजह से तिलमिलाते हुए कोटवार अपना आपा खो बैठा।
आखिर पटवारी,कोटवार और ग्राम पंचायत के जिम्मेदार मिलकर क्या खिचड़ी पका रहे हैं?
इस संबंध में जब तहसीलदार से फोन वार्ता पर चर्चा की गई तब उनके द्वारा बताया गया कि उक्त विषय के संबंध में शीघ्र ही पूर्ण जानकारी प्राप्त कर उचित कार्यवाही की जायेगी।
क्या यह है गबन का बड़ा खेल?
कौन है भ्रष्टाचार के इस घिनौने खेल में शामिल?
कौन है वो मास्टर माइंड जो सरकारी राशि को पलीता लगाने के खेल में माहिर हैं?
क्या तहसीलदार को गाली देने वाले कोटवार पर कार्यवाही होगी?
क्या पटवारी द्वारा अतिक्रमण कारियो को भ्रष्टाचार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए नियम कायदों से खिलवाड़ किया गया?
क्या पटवारी पर विभागीय जांच की गाज गिरेगी?
जल्द बड़ा खुलासा।
