ग्राम बरहेटा।
सरपंच श्रीमती चांदनी और सचिव देवेंद्र द्वारा गांव के विकास कार्यों के प्रति उदासीनता बरती गई।नतीजतन ग्रामीण क्षेत्र में अव्यव्सा एवम अराजकता चारों और फैली है।जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।वहीं विकास कार्यों की राशी के इस खेल में सरपंच एवम सचिव की मिलीभगत से जमकर बंदरबाट की गई। आधी अधूरी जानकारियों को विकास का सच बताने की जी तोड़ कोशिश बताती है की पंचायत में जमकर भ्रष्टाचार जारी है।
सरपंच श्रीमती चांदनी और सचिव देवेंद्र की ढिठाई का आलम यह है कि ग्रामीणों द्वारा शिकायतों पर कोई उचित कार्यवाही नहीं की जाती है उल्टा समझा बुझाकर या फिर धमकाकर शिकायत कर्ता को शांत करा दिया जाता है।
भ्रष्टाचार से त्राहिमाम करती बरहेटा की ग्रामीण जनता की पुकार सुनकर भी अनसुनी की जा रही है।
अपनी तिजोरियां भरने के चक्कर में गरीबों के हक पर डाका डालने से भी गुरेज नहीं किया जा रहा है।
गौ शाला,नरेगा, प्र मं आ योजना,सड़क और नाली,मुक्तिधाम और व्रक्षा रोपण जैसी अनेक योजनाएं लालच की भेंट चढ़ गई।ग्रामीणों को दी जाने वाली सुविधाएं प्रदान करने में कोताही बरती गई।एवम अपने काले कारनामों पर पर्दा डालने के लिए जानकारियां छिपाई गई।गांव की जनता के भविष्य से खिलवाड़ गांव के विकास को दांव पर लगा दिया गया।किंतु इस सबके बावजूद भी लालची सरपंच एवम भ्रष्टाचारी सचिव की पैसों की भूख शांत नहीं हुई।