ग्राम पंचायत बेलखेड़ी शेढ़।
जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों की जान के लिए खतरा साबित हो रहे हैं,वहीं दूसरी ओर चार साल से आंगनबाड़ी का अधुरा निर्माण प्रशासन को मुंह चिढ़ाता हुआ खड़ा है।लाखों रुपए के व्रक्षा रोपण के बावजूद वीरान जमीन शासकीय कार्यप्रणाली का आइना है। गौ शाला में सेवा कम समस्याएं ज्यादा नजर आई।
अब सवाल यह उठता है की गांव का प्रबुद्ध वर्ग , छूट भईए नेता और सच के ठेकेदार अरसे से इन मुद्दों और शिकायतों को सामने लाकर आखिर कोई ठोस कार्यवाही क्यों नही कर पाए ? अनियमितताओं पर चुप्पी रखकर क्या साबित करने की कोशिश की गई है? ग्राम विकास के कार्यों में लापरवाही करने वालों का चेहरा बेनकाब क्यों नहीं किया गया?
क्या तथाकथित तौर पर संरक्षण देने वाले पत्रकारों की चुप्पी ने ग्रामीण आम जनता का अहित नहीं किया?
जानिए खबर का वो डरावना पहलू जहां सच्चाई की लाश दफन कर दी जाती है।हम आपको बताएंगे की कैसे अधिकारों का गला घोंटकर लोकतंत्र की हत्या करने की कोशिश की गई।
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To be continued.