ग्राम पंचायत चांदनखेड़ा।
जिन लोक सेवकों और अधिकारियों को जनता की सेवा के लिए चुना गया आज हालात यह है कि वे अपने आप को जनता का मालिक समझने लगे।
आंगनबाड़ी,विद्यालय, उप स्वास्थ्य केंद्र,राशन वितरण,दूषित पानी निकासी,स्वच्छता संबंधी समस्त सुविधाएं कागजों में निरंतर उन्नति प्राप्त कर रही है जहां एक ओर ग्राम प्रधान,सचिव और जीआरएस की मेहनत से बदलनी चाहिए थी गांव के विकास की तस्वीर वहीं दूसरी ओर गांव की जमीनी सच्चाई बताती है कि विकास के नाम पर किए गए तमाशे से जनता का हित नहीं बल्कि स्व हित और कृपा पात्रों कि उन्नति पर ध्यान केंद्रित किया गया।ग्रामीण पानी में रहकर मगर से बैर कौन करे की तर्ज पर खामोश है तो इसका अंदाजा यह ना लगाया जाए की स्थितियां उत्तम है।विगत वर्षों में जिस तरह से खानापूर्ति कर जेबें गर्म करने पर ध्यान दिया गया वह कोई नई बात नहीं है आज जिले की अधिकांश ग्राम पंचायतों का हाल बदहाल है।शिकायतें जांच और न्याय की इस कड़ी में सैंकड़ों लोग आज भी उलझे हुए हैं।