गोटेगांव में चन्दन सिंह लोधी सिलारी-सिलवानी को लूट रहा है?
गोटेगांव क्षेत्र में जनाब चन्दन सिंह जी ने पंचायतों को अपनी निजी जागीर समझ रखा है। हाल यह है कि पंचायत चाहे सिलवानी हो या कोरेगांव, हर जगह बस एक ही नाम गूंज रहा है- चन्दन सिंह लोधी!
जरा सोचिए, प्रतिभा किसे कहते हैं? एक ही इंसान, और रूप कितने सारे!
कभी कागजों पर 5वें वित्त आयोग की मेहरबानी से नाली साफ करवाते हैं, तो कभी 'गाड़ी-घोड़ा परिवहन' के नाम पर हवा में घोड़े दौड़ाते हैं। कभी हैंडपंप सुधारकर पानी निकालते हैं, तो कभी खुद 'दुकानदार' बन जाते हैं और कभी 'जनसामान्य' बनकर सीधे सरकारी खजाने से नोटों की गड्डियाँ बटोर लेते हैं!
सिलवानी ग्राम पंचायत का कारनामा, यहाँ कागजों पर 'चंदन सिंह लोधी' के नाम से 5वें वित्त आयोग की मद से नाली सफाई, गाड़ी-घोड़ा परिवहन और हैंडपंप सुधार जैसे विभिन्न कार्यों के नाम पर हजारों रुपये के वाउचर (EPO Number: 3912369) काटकर धड़ल्ले से राशि आहरित की जा रही है। काम जमीन पर है या सिर्फ फाइलों में? यह जांच का विषय है!
कोरेगांव ग्राम पंचायत में भी नियमों को ताक पर रखकर इसी 'चंदन सिंह लोधी' को कभी 'दुकानदार' तो कभी 'जनसामान्य' बताकर धड़ल्ले से भुगतान किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि एक ही व्यक्ति को अलग-अलग रूपों और मदों में पंचायत से लगातार मालामाल किया जा रहा है।
आखिर यह कौन सा जादू है कि एक ही शख्स हर जगह फिट बैठ जाता है? क्या पंचायतें किसी खास व्यक्ति की तिजोरी भरने का जरिया बन गई हैं? आम जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है और सरकारी धन चहेतों की जेब में जा रहा है।
जनपद के जिम्मेदार बाबू और अधिकारी एसी कमरों में बैठकर आराम फरमा रहे हैं, और इधर चन्दन सिंह लोधी फाइलों में ही पूरा गाँव चमकाए जा रहे हैं।
जिम्मेदार अधिकारी? वे शायद आँख बंद करके फाइल पर दस्तखत करने की रस्म अदायगी कर रहे हैं। उन्हें लगता है कि जनता सो रही है। उन्हें लगता है कि कोई सवाल नहीं पूछेगा।
लेकिन यह सवाल पूछा जाना चाहिए। सिलारी-सिलवानी की जनता को पूछना चाहिए कि उनके हिस्से का विकास आखिर किस चंदन की खुशबू में उड़ रहा है?
