17 लाख (1.7 Million) पाठकों का अटूट भरोसा बनाम 60-70 ट्रोलर्स!
"जब कलम सच लिखती है, तो छटपटाहट दूर तक सुनाई देती है!"
'Stringer24news' की खबरों को दबाने के लिए कुछ लोग कुतर्क, अभद्र भाषा और खोखली धमकियों पर उतर आए हैं। लेकिन वो भूल गए हैं कि हमारी ताकत वो चंद ट्रोलर्स नहीं, बल्कि हमारे वो 17 लाख (1.7 Million) पाठक हैं जिन्होंने इस सच को पढ़ा और इसके साथ खड़े हुए।
आज मैं अपने उन जागरूक पाठकों का नाम लेकर आभार व्यक्त करना चाहता हूँ, जिन्होंने खुलकर सच का साथ दिया और हौसला बढ़ाया।
पाठकों की आवाज़, हमारी ताकत
अजय तिवारी (Ajay Tiwari) जी ने बिल्कुल सही कहा—
"कम से कम अंधभक्तों की भीड़ में किसी में सच बोलने की हिम्मत तो है। आलोचना से मत डरना, तुम्हें और शक्ति मिले!"
मनोज शुक्ला (Manoj Shukla) जी ने हमारी कलम को धार देते हुए लिखा—
"तीखी कलम! इस जिले के अन्य सक्षम लोगों को देखकर लगता ही नहीं है कि यह कभी सवाल पूछने की हिम्मत कर पाते होंगे।"
धनीराम कोरी (Dhaniram Kori) जी ने हमारे जुनून को पहचानते हुए लिखा—
"आपकी पत्रकारिता में एक अलग ही जुनून है, जो सच को एकदम निष्पक्षता से दिखाने और लिखने का काम करती है।"
दिनेश प्रेम यादव (Dinesh Prem Yadav) जी ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए हमारा मनोबल बढ़ाया कि कम से कम यहाँ धमकियाँ नहीं, बल्कि सच की मेहनत दिखती है।
इसके साथ ही दुबे जी (... Dubey) और आशीष कुमार खरे (Ashish Kumar Khare) जी जैसे अनेक मित्रों ने इसे "शानदार और आंख खोल देने वाला लेख" बताकर हमारा हौसला दोगुना कर दिया।
ट्रोलर्स के नाम एक संदेश
आपकी यह 60-70 लोगों की फौज मिलकर भी 1.7 मिलियन लोगों के 'नागरिक बोध' को दबा नहीं सकती। जब सवाल का जवाब न देकर धमकियां दी जाएं, तो सच क्या है, यह कहने की ज़रूरत नहीं रहती... वह स्वतः दिखाई देता है!
लोकतंत्र में नागरिकों का जागरूक रहना बेहद जरूरी है। हमारी मां सरस्वती पर आस्था है, और क्षेत्र के इन जागरूक पाठकों का यही प्यार हमारी असली पूंजी है।
यह तीखी कलम आपके लिए हमेशा चलती रहेगी। 🙏🌹
