जब पंचायत मंत्री से अपनी ही पंचायत नहीं संभल रही, तो प्रदेश क्या संभालेंगे?
कागजों पर नर्मदा मैया का जाप, और धरातल पर ₹1 लाख की फोटो में सिर्फ काला पाप!
जिला पंचायत के आला अधिकारियों की ‘नर्मदा भक्ति’ का ढोल तो खूब पीटा जा रहा है, लेकिन ज़रा इनके नाक के नीचे चल रहे इस ‘अंधेरगर्दी मॉडल’ पर भी नजर डाल लीजिए। जनता की गाढ़ी कमाई को किस तरह अंधेरे में ठिकाने लगाया जा रहा है, इसका जीता-जागता नमूना सामने आया है जनपद पंचायत चांवरपाठा की ग्राम पंचायत भूमियाधाना से।
⚠️ ₹1 लाख का चबूतरा... और फोटो में सिर्फ काला अंधेरा!
सरकारी रिकॉर्ड कहता है कि भूमियाधाना में सोसायटी भवन के सामने चबूतरा एवं टीन शेड निर्माण के लिए पूरे ₹1,00,000.00 मंजूर किए गए।
कागजों में काम की स्थिति क्या दिखाई गई?
लेकिन जैसे ही “Work Photo” अपलोड करने की बारी आई, तो वहां क्या दिखाई दिया?
वाह साहब! ये कौन सी नई टेक्नोलॉजी है? जहां बिना निर्माण कार्य दिखाए, सिर्फ अंधेरे की फोटो अपलोड कर दी जाती है और सरकारी पोर्टल को ही अंधेरे में रखा जाता है!
क्या इसी ‘काले अंधेरे’ को दिखाकर लाखों के बिल पास कराने की तैयारी है?
💸 अब देखिए ‘आनंद उत्सव’ के नाम पर 25 हजार का खेल!
चबूतरा और टीन शेड के नाम पर “अंधेरा मॉडल” दिखाने के बाद अब एक और कारनामा सामने आया है — ‘आनंद उत्सव’ योजना के तहत पास हुआ बिल।
💰 बिल राशि: ₹25,000.00
📄 कार्य विवरण: N.A. (कोई जानकारी उपलब्ध नहीं)
🏪 एजेंसी प्रकार: लघु दुकानदार (सुनील कुमार नोरिया)
✅ भुगतान स्थिति: YES (राशि ट्रांसफर हो चुकी)
अब सवाल ये है कि जब काम का विवरण ही “N.A.” है, तो आखिर भुगतान किस चीज़ का कर दिया गया?
🔥 जनता पूछ रही है साहब...
- क्या चबूतरे और टीन शेड अब हवा में बनने लगे हैं?
- जिओ-टैगिंग के नाम पर ये मजाक किसके संरक्षण में चल रहा है?
- जिला पंचायत अधिकारी इस “काले अंधेरे” पर मौन क्यों हैं?
- क्या चांवरपाठा जनपद के जिम्मेदार अधिकारियों ने आंखें बंद कर ली हैं?
- या फिर इस मलाई में सबकी हिस्सेदारी तय है?
🚨 भक्ति का चश्मा उतारिए साहब!
धरातल पर उतरकर इस “अंधेर नगरी चौपट राजा” वाले खेल को देखिए।
जनता अब जाग चुकी है...
और पाई-पाई का हिसाब लेकर रहेगी!


