आज की लापरवाही कल पड़ेगी भारी?:दुल्हा देव दादा महाराज मंदिर:नरसिंहपुर
आप नरसिंहपुर जिले में रहते हों और दूल्हा देव दादा महाराज के मंदिर के बारे में ना जानते हों, , शायद ही ऐसा हो सकता है! शनिवार के दिन मंदिर में काफी भीड़ भाड़ रहती है! भंडारे और ध्वज चढ़ाने का क्रम दिनभर चलता रहता है!
भक्तों की सुविधाओं का ध्यान
वैसे मंदिर ट्रस्ट द्वारा भक्तों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है!शुद्ध जल, निशुल्क शूज स्टैंड, पार्किंग व्यवस्था, और स्वच्छ भक्तिमय वातावरण!
मंदिर के बाहर बदल जाता है नजारा
लेकिन जैसे ही आप मंदिर परिसर के बाहर पैर रखते हैं तो पाते हैं कि, पास में मौजूद प्रसाद को सैकड़ों दुकानों ने सड़क पर अतिक्रमण कर लिया है!वहीं दूसरी तरफ मंदिर परिसर के बाहरी हिस्से में बकरे मुर्गे की बलि की पूजा चलती रहती है, जिसकी वजह से मुख्य मार्ग बाधित होता है!हालांकि बलि पूजन में कान काटकर चढ़ा देते हैं और प्रसादी व्यवस्था घर या परिसर से दूर कहीं की जाती है!
आज की गंभीर समस्या है सड़क पर फैलता अतिक्रमण!देखिए आज आपने गंभीरता नहीं बरती तो कल यही अराजकता आपके दरवाजे पर लट्ठ लेकर खड़ी हो जाएगी कि हम तो यहां बरसों से हैं,फिर बुलडोजर और लाठीचार्ज जैसी स्थितियां बनेंगी!
क्या प्रशासन जागेगा?
तो भविष्य में स्थितियां ही निर्मित न हों, आप बाजार को आज ही सुव्यवस्थित बनाने का प्रयास कर सकते हैं!लेकिन जिला कलेक्टर में इच्छा शक्ति की कमी महसूस होती है?
क्या आपने नहीं देखा कि, मुख्य मार्ग के दोनों तरफ दुकानदार अपनी दुकान लगाने के नाम पर सड़क पर ही गढ्ढे कर पाइप और बांस को बल्ली ठोंक रहे हैं?फुटपाथ की बात तो छोड़ ही दीजिए!
अतिक्रमण की आड़ में असामाजिक गतिविधियां?
और इसी अतिक्रमण का फायदा असामाजिक तत्व भी उठाने में जुटे हैं!कथित तौर पर यह सामने आया है कि, दुकानों की आड़ में शराबखोरी और सट्टा भी चल रहा है!धुआं उठा है तो कहीं चिंगारी भी दबी होगी ही, , यह इशारा है कि भविष्य के गंभीर संकट का!
किसी दिन बड़ा हादसा हुआ तो?
ऐसे में किसी दिन यदि कोई गंभीर हादसा हो गया तब क्या करोगे?तेल के टैंकर से लेकर डंफर और ट्रक बस इत्यादि का यहां से गुजरना होता है!किसी दिन कोई वाहन बेलगाम हो गया और दस पचास पर चढ़ गया ,क्या तब भी ऐसे ही चुप बैठकर देखोगे?
इसलिए हमेशा स्थितियों को दोष मत दो, ,आज की समझदारी कल की सहूलियत होगी!
