मंहगाई का तड़का: गैस सिलेंडर हुआ मंहगा, रसोई पर फिर चला महंगाई का हथौड़ा
मध्य प्रदेश की आम जनता की रसोई पर एक बार फिर महंगाई का तगड़ा वार हुआ है। पेट्रोल-डीजल की आग अभी ठंडी भी नहीं पड़ी थी कि अब एलपीजी गैस सिलेंडर के दामों ने घर-घर का बजट हिला दिया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ऊर्जा संकट का हवाला देकर 7 मार्च 2026 से एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में सीधा इजाफा कर दिया गया है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि हर बार अंतरराष्ट्रीय बाजार का बहाना बनाकर आखिर आम आदमी की जेब ही क्यों काटी जाती है?
मध्य प्रदेश में गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने का मतलब सिर्फ एक खबर नहीं है, यह सीधे उस रसोई की आग को महंगा कर देता है जहाँ पहले से ही गृहिणियाँ महंगाई से जूझ रही हैं।
कितनी बढ़ी कीमत?
तेल कंपनियों द्वारा जारी नई दरों के अनुसार प्रदेश में गैस सिलेंडर के दामों में सीधा इजाफा किया गया है।
घरेलू गैस सिलेंडर (14.2 किलो)
इसमें लगभग ₹60 प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी कर दी गई है।
कमर्शियल गैस सिलेंडर (19 किलो)
व्यवसायिक उपयोग वाले सिलेंडर के दाम ₹115 तक बढ़ा दिए गए हैं।
इसका सीधा असर सिर्फ घरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट में मिलने वाला खाना भी अब महंगा होना तय माना जा रहा है।
प्रमुख शहरों में नई कीमतों का असर
प्रदेश के अलग-अलग शहरों में ट्रांसपोर्टेशन और स्थानीय टैक्स के कारण कीमतों में मामूली अंतर जरूर होता है, लेकिन महंगाई का झटका हर जगह एक जैसा महसूस होगा।
भोपाल और इंदौर
यहाँ घरेलू सिलेंडर की कीमत लगभग ₹915 से ₹925 के बीच पहुँचने की संभावना है।
जबलपुर और ग्वालियर
इन शहरों में भी घरेलू सिलेंडर के दामों में करीब ₹60 की वृद्धि लागू हो चुकी है।
उज्ज्वला योजना वालों को क्या राहत?
सरकार की ओर से यह जरूर कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मिलने वाली ₹300 की सब्सिडी फिलहाल जारी रहेगी।
लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या ₹300 की सब्सिडी उस महंगाई को रोक पाएगी जो हर महीने आम आदमी के बजट पर नया बोझ डालती जा रही है?
कीमतें बढ़ने का कारण?
सरकारी तर्क यह दिया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक ऊर्जा संकट के कारण गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाने पड़े हैं।
लेकिन आम आदमी के मन में एक सीधा सवाल जरूर उठ रहा है— जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें कम होती हैं तो क्या उसी तेजी से गैस सिलेंडर सस्ता भी होता है?
सच्चाई यही है कि महंगाई की मार सबसे पहले और सबसे ज्यादा उस आम नागरिक पर पड़ती है जिसकी आय तो वही रहती है, लेकिन खर्च हर महीने बढ़ता चला जाता है।
