https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEi_nXYDircpji_NBp4Y2oyo8rhVeU-DuXusJaP3AW8


 


 


 



🟥 Stringer24News | विशेष रिपोर्ट

सरपंच पति निरंकुश?
पंचायत में दखलंदाजी से ठप्प गांव का विकास!

ग्राम पंचायत पनारी

ग्राम पंचायत पनारी में महिला सशक्तिकरण की बात केवल कागज़ों तक सीमित होकर रह गई है। जमीनी हकीकत यह है कि यहां सरपंच पति की समानांतर सत्ता पंचायत के हर फैसले पर हावी नजर आ रही है।

“पंचायत महिला की, लेकिन आदेश पुरुष के — यही है पनारी पंचायत की सच्चाई”

पंचायत पर सरपंच पति का कब्जा?

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत कार्यालय में सरपंच पति की दखलंदाजी इस हद तक बढ़ चुकी है कि बिना उनकी अनुमति कोई भी फाइल आगे नहीं बढ़ती। निर्माण कार्य, भुगतान, प्रस्ताव — हर जगह एक ही नाम गूंजता है

कमीशनबाजी और हेर-फेर के गंभीर आरोप

ग्रामीणों के अनुसार पंचायत कार्यों में:

  • ठेकेदारों से कमीशन तय
  • काम कागज़ों में पूरे, जमीन पर अधूरे
  • भुगतान में मनमानी
  • आपत्ति उठाने वालों को दबाने की कोशिश

इन सबके केंद्र में सरपंच पति का नाम खुलकर सामने आ रहा है।

“जो बोले, वो दुश्मन — जो चुप रहे, वही समझदार”

महिला सरपंच केवल नाम की?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ग्राम पंचायत पनारी में महिला सरपंच केवल नाम की प्रतिनिधि बनकर रह गई हैं? अगर निर्णय, संचालन और नियंत्रण सब सरपंच पति के हाथ में है, तो यह संविधान और पंचायत राज व्यवस्था का खुला मज़ाक नहीं तो और क्या है?

प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

इतने गंभीर आरोपों के बावजूद प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। क्या नियम सिर्फ कागज़ों के लिए हैं? क्या महिला सशक्तिकरण केवल पोस्टर और भाषणों तक सीमित है? या फिर सरपंच पति पर कार्रवाई से जानबूझकर बचा जा रहा है?

अब जवाब चाहिए

ग्राम पंचायत पनारी के ग्रामीण अब सवाल पूछ रहे हैं —

  • सरपंच पति पंचायत क्यों चला रहे हैं?
  • कमीशन और हेर-फेर की जांच कब होगी?
  • महिला सरपंच को अधिकार कब मिलेंगे?
अब यह सिर्फ गांव का मुद्दा नहीं रहा, यह प्रशासन की साख का सवाल है।
© Stringer24 News | सत्य और समाज के बीच की कड़ी
أحدث أقدم

📻 पॉडकास्ट सुनने के लिए यहां क्लिक करें।

🎙️ Stringer24News Podcast

🔴 देखिए आज का ताज़ा पॉडकास्ट सीधे Stringer24News पर