रमपुरा ग्राम पंचायत में सचिव और जीआरएस की मिलीभगत से चल रहा हेर-फेर?
चांवरपाठा जनपद | नरसिंहपुर
नरसिंहपुर जिले के चांवरपाठा जनपद अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत रमपुरा एक बार फिर अपनी भ्रष्ट कार्यशैली को लेकर सुर्खियों में है। पंचायत में चल रहे कार्यों और बिलों की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बिना क्रॉस चेक के अपलोड हो रहे बिल
आरोप है कि पंचायत में सचिव और जीआरएस की मिलीभगत से जिस तरह बिल तैयार किए जा रहे हैं और उन्हें बिना किसी भौतिक सत्यापन या क्रॉस चेक के सीधे पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है, वह बड़े गबन और फर्जीवाड़े की ओर इशारा करता है।
सवाल यह है कि जब मौके पर कार्यों की गुणवत्ता, मात्रा और वास्तविकता की जांच नहीं हो रही, तो आखिर भुगतान किस आधार पर किया जा रहा है?
निगरानी तंत्र पर भी सवाल
पंचायत स्तर पर यदि इस तरह के बिल बिना जांच-पड़ताल के स्वीकृत हो रहे हैं, तो यह केवल सचिव और जीआरएस की जिम्मेदारी तक सीमित नहीं रह जाता। जनपद और जिला स्तर के निगरानी तंत्र की भूमिका भी सवालों के घेरे में आती है।
क्या जनपद पंचायत के अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं, या फिर यह खेल उनकी जानकारी और संरक्षण में चल रहा है?
जांच की मांग
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों में इसको लेकर आक्रोश है। मांग की जा रही है कि रमपुरा ग्राम पंचायत में हुए सभी कार्यों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर कार्रवाई हो।
