सरपंच जनता के पैसों से खरीद रहा महंगा मोबाइल?
ग्राम पंचायत खमरिया | जनपद साईंखेड़ा
जनता के टैक्स और सरकारी योजनाओं की राशि से गांव का विकास होना चाहिए था, लेकिन ग्राम पंचायत खमरिया में पंचायत फंड के उपयोग को लेकर जो तथ्य सामने आए हैं, वे गंभीर वित्तीय गड़बड़ी की ओर सीधा इशारा कर रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 5/9/2025 को काव्या मोबाइल, गाडरवारा से Vivo Y29 मोबाइल की खरीद पंचायत खाते से दर्शाई गई है, जिसकी कीमत ₹17,999 बताई जा रही है।
सबसे बड़ा और सीधा सवाल —
पंचायत के पैसों से मोबाइल किसके लिए खरीदा गया?
क्या यह मोबाइल गांव के काम आया या सरपंच की जेब में गया?
यदि यह मोबाइल सरपंच या किसी पंचायत प्रतिनिधि की व्यक्तिगत जरूरत के लिए खरीदा गया है, तो यह मामला केवल अनियमितता नहीं बल्कि सरकारी धन के गबन की श्रेणी में आता है। नियम स्पष्ट हैं — पंचायत का पैसा निजी खर्च के लिए नहीं हो सकता।
⚖️ बनती हैं गंभीर आपराधिक धाराएं
- धारा 403 IPC — सरकारी संपत्ति का बेईमानी से दुरुपयोग
- धारा 405/409 IPC — लोक सेवक द्वारा विश्वासघात
धारा 409 के तहत दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है।
इसके साथ ही यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के अंतर्गत भी आता है, जिसमें सरकारी पद का दुरुपयोग कर निजी लाभ उठाने को गंभीर अपराध माना गया है।
📢 पंचायत फंड का उद्देश्य क्या है?
पंचायत की राशि सड़क, पानी, बिजली, शिक्षा, स्वच्छता जैसे कार्यों के लिए होती है, जो GPDP के तहत स्वीकृत होते हैं। मोबाइल फोन, गैजेट या निजी सामान इस सूची में कहीं नहीं आते।
अब सवाल सिर्फ मोबाइल का नहीं,
पूरे पंचायत खर्च की ईमानदारी का है।
ग्रामीणों में चर्चा है कि यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो यह प्रशासनिक चुप्पी को भी कटघरे में खड़ा करेगा। क्या जनपद पंचायत और जिला प्रशासन कार्रवाई करेगा या यह मामला भी फाइलों में दफन हो जाएगा?
— Stringer24 News की विशेष पड़ताल
