जयपुर के चौमूं में अचानक क्यों भड़की हिंसा?
एक रेलिंग से शुरू हुआ विवाद, पत्थरबाज़ी तक कैसे पहुँचा मामला
तारीख: 26 दिसंबर 2025 | स्थान: चौमूं, जयपुर (राजस्थान)
राजस्थान की राजधानी जयपुर से सटे चौमूं कस्बे में शुक्रवार की सुबह उस वक्त हालात बेकाबू हो गए, जब एक पुराने अतिक्रमण और धार्मिक स्थल से जुड़े विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। स्थिति इतनी बिगड़ी कि मौके पर पहुँची पुलिस खुद भीड़ के निशाने पर आ गई।
पत्थर चले, पुलिसकर्मी घायल हुए और पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
चिंगारी कहां से भड़की?
विवाद की जड़ चौमूं बस स्टैंड के पास स्थित एक धार्मिक स्थल के बाहर रखे पुराने पत्थर बताए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक ये पत्थर करीब 40–45 साल से सड़क किनारे रखे थे, जिससे आए दिन यातायात बाधित होता था।
गुरुवार शाम प्रशासन और स्थानीय समुदाय के बीच बैठक हुई, जिसमें आपसी सहमति से पत्थर हटाने का फैसला लिया गया। सभी को उम्मीद थी कि मामला यहीं शांत हो जाएगा।
पत्थर हटे… और विवाद गहराया
पत्थरों के हटते ही उसी स्थान पर कुछ लोगों द्वारा लोहे की रेलिंग लगाकर बाउंड्री बनाने की कोशिश की गई। प्रशासन ने इसे नया अतिक्रमण माना और तुरंत कार्रवाई का निर्णय लिया।
तड़के 3 बजे कैसे बिगड़े हालात?
शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे जब पुलिस टीम रेलिंग हटाने पहुँची, तभी अचानक भीड़ जमा हो गई और पुलिस पर पथराव शुरू हो गया।
- करीब 6 पुलिसकर्मी घायल
- कुछ जवानों के सिर में गंभीर चोट
- पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा
प्रशासन के सख्त कदम
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल कई कड़े फैसले लिए।
- 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद
- चौमूं सहित आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात
- वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में फ्लैग मार्च
मकसद साफ था — अफवाहों पर रोक और हालात पर पूरा नियंत्रण।
फिलहाल क्या है स्थिति?
वर्तमान में हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं। डीसीपी वेस्ट सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो के जरिए उपद्रवियों की पहचान कर रही है और कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।
पाठकों से अपील
किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और भड़काऊ संदेश साझा करने से बचें। शांति बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें, क्योंकि हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं होती।
