https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEi_nXYDircpji_NBp4Y2oyo8rhVeU-DuXusJaP3AW8


 


 


 


Stringer24News | विशेष संपादकीय

क्या पराली, पशुओं के लिए भोजन… या धीमा जहर?

खेती-किसानी में पराली एक सामान्य उपउत्पाद है। कई किसान इसे पशुओं के चारे के रूप में भी उपयोग करते हैं। लेकिन बिना उपचार की पराली—पशुओं के लिए धीरे-धीरे जानलेवा साबित हो सकती है।

पराली से नुकसान कैसे?

1️⃣ कम पाचन क्षमता – पराली में सिलिका अधिक होती है, जिससे यह कठोर और कम पाचक बन जाती है।
2️⃣ पोषक तत्वों की कमी – प्रोटीन केवल 2-7% तक, बाकी पौष्टिक तत्व बेहद कम; परिणाम—कुपोषण।
3️⃣ ऑक्जेलेट्स का ज़हर – 1-2% ऑक्जेलेट्स कैल्शियम कम कर देते हैं, हड्डियों और दूध उत्पादन पर बुरा असर।
4️⃣ बीमारियों का खतरा – फंगस लगी पराली डगनेला रोग का कारण; कान, पूँछ, खुरों में गैंग्रीन तक हो सकता है।
5️⃣ स्वादहीनता – पशु इसे मजबूरी में खाते हैं, पसंद नहीं करते—इसलिए भोजन की मात्रा भी घट जाती है।
6️⃣ पेट की समस्या – अचानक ज्यादा खिलाने से दस्त या पेट फूलना जैसी गंभीर दिक्कतें।

तो क्या पराली बिल्कुल नहीं खिलानी चाहिए?

किसान भाई-बहनों को घबराने की जरूरत नहीं, बल्कि इसे सही तरीके से तैयार करने की ज़रूरत है — ताकि पराली नुकसान नहीं, पोषण बने।

✳️ समाधान — पराली को सुधारकर बनाएं उपयोगी चारा

✔ यूरिया उपचार: पराली को यूरिया + गुड़ + पानी के घोल से उपचारित करने पर पाचन व पोषण क्षमता बढ़ती है।
✔ हरे चारे का मिश्रण: बरसीम, लोबिया, खनिज मिश्रण के साथ मिलाकर खिलाएँ।
✔ संतुलित मात्रा: आहार में धीरे-धीरे शामिल करें।
पराली जलाने से बेहतर — उसे सही उपचार देकर पशुओं की सेहत और किसानों की अर्थव्यवस्था दोनों बचाएं।

© Stringer24 News | सत्य और समाज के बीच की कड़ी।
أحدث أقدم

📻 पॉडकास्ट सुनने के लिए यहां क्लिक करें।

🎙️ Stringer24News Podcast

🔴 देखिए आज का ताज़ा पॉडकास्ट सीधे Stringer24News पर