मोहपानी घोटाले पर अधिकारी चुप क्यों?
जांच और कार्यवाही की बातें तो खूब हो रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर नतीजे? — शून्य बटे सन्नाटा!
तीन तालाब… 400000 लाख रु की लागत! और कागज़ों में ही खपाई गई फर्जी मजदूरों की फौज!
- क्या प्रशासन इतनी बड़ी रकम के घोटाले पर आंखें मूंदे बैठा है?
- क्या स्थानीय संगठन अब अपनी रोटी सेकने भी नहीं आ रहे?
- मीडिया की चुप्पी किस मजबूरी का नाम है?
Stringer24News ने दर्ज कराई थी शिकायत — फिर भी चुप्पी क्यों?
Stringer24News द्वारा शिकायत कर जांच की स्पष्ट मांग की गई थी।
जांच अधिकारी स्वदेश ने स्वयं बयान दिया था —
“मामले में अनियमितता पाई गई है”
हाल ही में चिचली जनपद के जांच अधिकारी ने भी फोन पर कहा — कार्यवाही की जाएगी।
तो फिर कार्यवाही से कौन रोक रहा है? किसके दबाव में? किसके संरक्षण में?
✔ क्या ग्रामीणों की बात सच साबित हो रही है?
✔ क्या गबन का हिस्सा स्थानीय नेताओं तक भी पहुँच रहा है?
✔ अगर नहीं — तो पंचायत मंत्री के क्षेत्र में इतनी दबंगई कहाँ से?
जब दस्तावेज़ों में विकास तैरने लगे और सच बोलने पर आवाजें दबाई जाएँ — तब खेल सिर्फ घोटाले का नहीं रह जाता, यह सिस्टमिक संरक्षण का मामला होता है।
Stringer24News की मांग
- जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए
- जिम्मेदारों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई हो
- ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो
