मोहपानी तालाब घोटाला: गबन के आरोपों में फंसे सचिव को बचाने जुटा ‘भ्रष्टाचारियों का कुनबा’!
मोहपानी तालाब मामले में जैसे-जैसे जांच की परतें खुल रही हैं, सबसे ज़्यादा बेचैनी उन चेहरों पर दिख रही है जिनके खातों में मनरेगा की फर्जी मजदूरी ठूंसी गई थी।
अब जब गबन का माल सबके बीच बांटा गया था, तो उसकी वफ़ादारी निभाना तो बनता है — शायद इसलिए पूरा भ्रष्टाचारी कुनबा आज सचिव की ढाल बनकर खड़ा है।
हालात ये हैं कि सचिव पर शिकंजा कसते देख गैंग के लोग ऑफिसों के चक्कर लगा रहे हैं, नेताओं से सिफारिशें करवा रहे हैं, और जांच को दिशा बदलने की हर कोशिश कर रहे हैं।
वजह साफ है — अगर सचिव डूबा, तो आधी पंचायत का कच्चा चिट्ठा खुल जाएगा। जिन खातों में मजदूरी डाली गई, जिनके नाम मस्टर रोल में चढ़ाए गए, और जिन्हें बिना काम किए भुगतान मिला — उन सबका सच सामने आ सकता है।
इसलिए आज अचानक सचिव ‘निर्दोष’ हो गया, और भ्रष्टाचारी उसके ‘रक्षक’! असलियत यह है कि मोहपानी तालाब का पैसा खुलकर लूटा गया था— और जिसे ज्यादा मिला है, वही सबसे ज्यादा कुलबुला रहा है।
अब असली सवाल यह है— क्या सिस्टम इस गबन गैंग की हेकड़ी के आगे झुकेगा या पहली बार कोई कार्रवाई वाकई गुनहगार तक पहुंचेगी?
