*जेसीबी तालाब घोटाले पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, सचिव पर फर्जी मजदूरों का भारी भुगतान करने का आरोप: ग्राम पंचायत मोहपानी: चिचली:नरसिंहपुर*
मनरेगा के नाम पर करोड़ों की हेराफेरी, ग्रामीण बोले – "अब और नहीं सहेंगे भ्रष्टाचार!"
[ग्राम पंचायत मोहपानी/चिचली] – ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत चल रहे तालाब निर्माण को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव और अधिकारियों ने बड़े लोगों के नाम पर फर्जी मजदूरों का भुगतान किया, जबकि असल काम जेसीबी मशीनों से करवाया जा रहा है।
ग्रामीणों ने मीडिया को दिए वीडियो में साफ-साफ बताया कि
> "हमारे गरीब मजदूरों को काम नहीं मिलता, जबकि कागजों में लाखों रुपये फर्जी नामों पर निकल जाते हैं।"
ग्रामीणों का कहना है कि तालाब निर्माण का काम सिर्फ दिखावा है, और मनरेगा के पैसे ठेकेदारों और सचिव की जेब में जा रहे हैं।
एक गुस्साए ग्रामीण ने कहा,
> "सरकार गरीबों के लिए योजनाएं बनाती है, लेकिन ये लोग मिलकर उसे अपने फायदे के लिए बिगाड़ रहे हैं। अगर जांच नहीं हुई, तो पूरा गांव सड़कों पर उतरकर विरोध करेगा।"
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर उच्च अधिकारियों द्वारा तुरंत कार्रवाई नहीं की गई, तो वे मीडिया और प्रशासन के हर स्तर पर आवाज उठाएंगे।
इस मामले ने पंचायत में भ्रष्टाचार के गंभीर संकेत दिखा दिए हैं और स्थानीय लोगों का विश्वास प्रशासन पर काफी हद तक डगमगा गया है।
