*ग्राम पंचायत झिरिया माता में साफ-सफाई के नाम पर बड़ा घोटाला!:जनपद साईखेड़ा:नरसिंहपुर*
जनपद साईखेड़ा की ग्राम पंचायत झिरिया माता में भ्रष्टाचार की बू अब साफ-साफ महसूस हो रही है।ऐसा प्रतीत होता है जैसे, जनपद साईखेड़ा की ग्राम पंचायत झिरिया माता में सरपंच और सचिव ने ईमानदारी को जैसे बोरे में बंद कर कुएँ में फेंक दिया हो।
पंचायत में पाँचवें वित्त की राशि का इस तरह खुलेआम दुरुपयोग न केवल भ्रष्टाचार की चरम मिसाल है, बल्कि यह जनता के विश्वास के साथ खुला विश्वासघात है।
साफ-सफाई के नाम पर संतोष और राजेश के नाम से हजारों रुपये के फर्जी बिल पास कराए गए — जिनकी रकम 15 हजार से लेकर 40 हजार रुपये तक बताई जा रही है।
पाँचवें वित्त की राशि को इन्होंने अपने निजी खाते की तिजोरी समझ लिया — और जनता की गाढ़ी कमाई को ऐसे उड़ाया जैसे कोई अपनी जेब से खर्च कर रहा हो!
नाम जाहिर ना करने की शर्त पर कुछ ग्रामीणों ने बताया कि, गाँव में न झाड़ू चली, न कचरा उठा — लेकिन कागज़ों में सब कुछ चमकाया गया।
यह सफाई नहीं, भ्रष्टाचार की पोलिश है जो इन अफसरशाहों ने अपने स्वार्थ की दीवार पर चढ़ा दी है।
अगर प्रशासन ने अब भी आँखें मूँदीं तो यह चुप्पी भी साझेदार बन जाएगी इस घोटाले की।
जनता अब जवाब चाहती है — और जवाब अबकी बार फाइलों से नहीं, कार्रवाई से चाहिए।
झिरिया माता की गलियों में अब गूंज रहा है एक ही सवाल “सरपंच-सचिव ने सफाई की या सफाई के नाम पर लूट की?”
जारी :
अगले अंक में हम आपको बताएंगे कि, झिरिया माता सरपंच ने फोन पर क्या कहा, ,
साईंखेड़ा जनपद सीईओ से पूछा जाएगा कि, आखिर वे इस मामले पर, ,
