रीवा (मध्य प्रदेश), 22 अक्टूबर: प्रदेश में दिव्यांग, वृद्ध और विधवा जन आज भी अपनी पेंशन की प्रतीक्षा में हैं। दिव्यांग एसोसिएशन (एच.डी. होप) के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार विश्वकर्मा ने एक कड़े बयान में कहा है कि मध्य प्रदेश सरकार ने दिव्यांगों के साथ अन्याय किया है।
उन्होंने कहा कि अक्टूबर माह समाप्ति की ओर है, लेकिन आज तक दिव्यांगों को उनकी ₹600 मासिक पेंशन नहीं मिल पाई। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ला और मंत्री जगदीश गौड़ जन समस्याओं के प्रति संवेदनहीन हो चुके हैं। गरीब, कमजोर और दिव्यांग वर्ग की आवाज अब उन्हें दिखाई या सुनाई नहीं देती।
अशोक कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहनों की योजनाओं में तो करोड़ों रुपये बांट दिए, लेकिन जिन दिव्यांगों के सहारे और उम्मीद पर सरकार टिकी है, उन्हें नज़रअंदाज़ कर दिया गया। ₹600 की पेंशन भी समय पर नहीं दी गई — जिससे इस वर्ग की दिवाली अधूरी रह गई।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा — “अगर एक भाई अपनी मेहनत की कमाई से अपनी बहनों को ₹1 दे, तो वह श्रद्धा है; लेकिन राज्य की जनता के पैसों को बिना सोच-समझ के बांट देना, राज्य को कर्ज में डुबोने जैसा है।”
उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव से आग्रह किया कि वे चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वादों को पूरा करें। “₹1500 महीना देने की गारंटी दी गई थी, लेकिन वह भी अब तक अधूरी है,” उन्होंने कहा।
अशोक कुमार विश्वकर्मा ने कहा — “मुख्यमंत्री जी, यदि आपके पास समाधान नहीं है तो हमसे आमने-सामने चर्चा करें। हम बताने को तैयार हैं कि प्रदेश का कर्ज कैसे चुकाया जा सकता है और प्रत्येक गरीब व कमजोर वर्ग को ₹5000 महीना कैसे दिया जा सकता है। अन्यथा मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना ही उचित होगा।”
— प्रदेश अध्यक्ष, एच.डी. होप दिव्यांग एसोसिएशन
अशोक कुमार विश्वकर्मा
रीवा, मध्य प्रदेश
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