https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEi_nXYDircpji_NBp4Y2oyo8rhVeU-DuXusJaP3AW8


 


 


 

STRINGER24NEWS

सत्य और समाज के बीच की कड़ी

चंदा चोरों पर नहीं खुली जुबान, ढाबा तोड़ने वाले आरोपी के लिए दर्द छलक आया! प्रहलाद पटेल की इस 'ममता' के क्या हैं सियासी मायने?

सीसीटीवी फुटेज, पुलिस एफआईआर (FIR) और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पूरे मामले की विस्तृत कहानी कुछ इस प्रकार है!

यह घटना जुलाई 2024 की है। बांदरी के सौरभ ढाबे पर कुछ स्थानीय युवक चाय पी रहे थे। इसी दौरान जिला पंचायत सदस्य सर्वजीत सिंह लोधी का ड्राइवर, सौरभ सूर्यवंशी, वहां पहुंचा।

ढाबे के डस्टबिन में थूकने की बात को लेकर स्थानीय युवकों और ड्राइवर के बीच तीखी बहस हो गई।

विवाद इतना बढ़ा कि ड्राइवर सौरभ सूर्यवंशी ने तैश में आकर वहां मौजूद एक युवक के सिर पर कांच की बोतल दे मारी, जिससे वह लहूलुहान हो गया।

ड्राइवर के साथ हुए विवाद की खबर मिलते ही जिला पंचायत सदस्य सर्वजीत सिंह लोधी अपने समर्थकों के साथ हथियारों से लैस होकर ढाबे पर पहुंचे। इसके बाद वहां जमकर बवाल काटा गया!

ढाबे में तोड़फोड़ की गई और वहां खड़ी गाड़ियों के कांच फोड़ दिए गए। इलाके में दहशत फैलाने के उद्देश्य से हवा में ताबड़तोड़ फायरिंग की गई।

सबसे गंभीर मोड़: उस समय ढाबे पर बांदरी थाने के एएसआई (ASI) देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव भी खाना खा रहे थे। जब उन्होंने बीच-बचाव करने और मामला शांत कराने की कोशिश की, तो सर्वजीत लोधी और उनके साथियों ने एएसआई पर ही हमला कर दिया। उन पर लात-घूसों से मारपीट की गई और उन पर भी निशाना साधकर गोली चलाई गई, जिसमें एएसआई बाल-बाल बचे।

ढाबा संचालक सौरभ साहू और पीड़ित पुलिस अधिकारी की शिकायत पर बांदरी पुलिस ने सर्वजीत लोधी और उनके साथियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट के तहत बेहद गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया!

धारा 296 (अश्लील कृत्य/गाली-गलौज), 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 324(5) (विनाशकारी साधनों से गंभीर चोट), 351(2) (आपराधिक धमकी), 191(2) और 191(3) (दंगा भड़काना और घातक हथियारों से लैस होना), तथा हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) से जुड़ी धाराएं।

अवैध रूप से हथियार लहराने और फायरिंग करने के जुर्म में धारा 25 और 27 के तहत भी मामला दर्ज किया गया।

गिरफ्तारी से बचने के कारण पुलिस ने सर्वजीत लोधी पर 3,000 रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था।

भाजपा नेता, जिला पंचायत सदस्य और लोधी क्षत्रिय महासभा के युवा प्रदेश अध्यक्ष सर्वजीत सिंह लोधी को सागर पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

पुलिस का कहना है कि आरोपी इस गंभीर मामले में वांछित (wanted) था और उसकी तलाश की जा रही थी।

कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने इस कार्रवाई पर अपनी ही सरकार की पुलिस को कटघरे में खड़ा कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर खुलकर नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा-

"सागर जिले में जिला पंचायत सदस्य प्रिय सर्वजीत सिंह की सागर पुलिस द्वारा गिरफ्तारी दुर्भाग्यपूर्ण है। दो वर्षों से इस प्रकरण में असमंजस बनाए रखना और फिर गिरफ्तार करना? यह सिर्फ अपमानित करने की कोशिश है। मैं ऐसी कार्रवाई की निंदा करता हूं।"

प्रहलाद पटेल ने इस पोस्ट में मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश भाजपा नेतृत्व को भी टैग किया है, जो यह दिखाता है कि यह मामला अब केवल स्थानीय नहीं रह गया है।

मामले का राजनीतिक बैकग्राउंड

इस मामले को गहराई से समझने के लिए इसके बैकग्राउंड को देखना जरूरी है, जो इसे केवल एक "अपराधिक मामले की कार्रवाई" से कहीं आगे ले जाती है!

साल 2022 के सागर जिला पंचायत चुनाव (वार्ड क्रमांक 5) में महज 21-22 साल के सर्वजीत सिंह लोधी ने एक बड़ा उलटफेर किया था। उन्होंने सूबे के कद्दावर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के भतीजे अरविंद सिंह (टिंकू राजा) को करीब 5,000 से अधिक वोटों से शिकस्त दी थी।

सर्वजीत सिंह लोधी को सीनियर भाजपा नेता और मंत्री प्रहलाद पटेल का बेहद करीबी और समर्थक माना जाता है। वहीं दूसरी तरफ गोविंद सिंह राजपूत (जो ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस से भाजपा में आए थे) का उस क्षेत्र में कड़ा दबदबा है।

स्थानीय गलियारों और राजनीतिक विश्लेषकों का भी यही सवाल है कि जो नेता पिछले दो सालों से लगातार क्षेत्र में सक्रिय था, कई बड़े राजनीतिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों में मंच साझा कर रहा था, उसे अचानक पुलिस ने "फरार" बताकर अब क्यों गिरफ्तार किया?

यह घटनाक्रम स्पष्ट रूप से कानूनी कार्रवाई के आवरण में छिपी भाजपा की अंदरूनी गुटीय लड़ाई (Internal Factionalism) का नया अध्याय है। प्रहलाद पटेल का खुलकर अपनी ही पुलिस के खिलाफ बोलना यह साबित करता है कि बुंदेलखंड (विशेषकर सागर जिले) में अपनी राजनीतिक जमीन और वर्चस्व को बचाए रखने के लिए भाजपा के 'मूल' नेताओं और 'सिंधिया समर्थक' धड़े के बीच अंदरूनी शह-मात का खेल चरम पर है।
© Stringer24 News | सत्य और समाज के बीच की कड़ी.
أحدث أقدم

📻 पॉडकास्ट सुनने के लिए यहां क्लिक करें।

🎙️ Stringer24News Podcast

🔴 देखिए आज का ताज़ा पॉडकास्ट सीधे Stringer24News पर